पुलिस कमिश्नर ने थाना प्रभारी सिंधौरा को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया
वाराणसी, 04 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने राजपत्रित अधिकारियों के साथ अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। शुक्रवार की देर रात हुई बैठक में लंबित विवेचनाओं, अपराध नियंत्रण, सक्रिय पुलिसिंग तथा आगामी श्रावण मास की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान लापरवाही पाए जाने पर पुलिस कमिश्नर ने थाना प्रभारी सिंधौरा को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया, जबकि 1060 दिन तक विवेचना लंबित रखने वाले एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया।
समीक्षा में दो जुलाई को थाना सिंधौरा क्षेत्र में हुई चर्चित हत्या की घटना में अपेक्षित स्तर की प्रभावी कार्रवाई न किए जाने पर प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए थाना प्रभारी ज्ञानेन्द्र कुमार त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया। उनके स्थान पर थाना सिगरा के नगर निगम चौकी प्रभारी पंकज कुमार को सिंधौरा का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह जानकारी पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सोशल मीडिया सेल ने दी। बताया गया कि बैठक के दौरान विवेचनाओं में अत्यधिक विलंब पर भी पुलिस कमिश्नर ने कड़ा रुख अपनाया। निर्धारित समय सीमा के बाद पांच विवेचनाओं को क्रमशः 23, 826, 884, 939 और 1060 दिनों तक लंबित रखने के मामले में उपनिरीक्षक सत्यदेव गुप्ता, चौकी प्रभारी सरैयां (थाना जैतपुरा) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सामान्य अपराधों की विवेचना 60 दिन तथा जघन्य अपराधों की विवेचना 90 दिन के भीतर हर हाल में पूरी की जाए। निर्धारित समय सीमा से बाहर लंबित विवेचनाओं में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संगठित अपराध, माफिया, साइबर अपराधियों, गोवध एवं एनडीपीएस तस्करों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई तेज करने तथा उनकी संपत्ति जब्त करने के निर्देश दिए। साथ ही रात्रि गश्त, ऑपरेशन चक्रव्यूह और पेशेवर अपराधियों की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
—अपराध नियंत्रण के चार मूल मंत्र
बैठक में पुलिस कमिश्नर ने अपराध नियंत्रण के लिए चार प्रमुख बिंदुओं पर विशेष जोर दिया। इनमें पुराने एवं पेशेवर अपराधियों की सतत निगरानी और उनकी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण।
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत दिन-रात सघन चेकिंग अभियान, रात्रि गश्त और बिना नंबर प्लेट, स्टंट तथा तीन सवारी चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई। चोरी एवं नकबजनी की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करते हुए एसीपी और थाना प्रभारी स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण करें तथा 24 घंटे के भीतर खुलासे का हरसंभव प्रयास करें।
सभी विवेचनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा एसआर मामलों की दैनिक मॉनिटरिंग कर प्राथमिकता के आधार पर अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि हत्या, एनडीपीएस, गोवध और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में गुण्डा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट तथा संपत्ति जब्ती की कार्रवाई प्राथमिकता से की जाए। चिन्हित अपराधियों के विरुद्ध आवश्यकतानुसार राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए), गुण्डा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट एवं हिस्ट्रीशीट की कार्रवाई भी प्रभावी ढंग से की जाए।
—श्रावण मास की तैयारियों पर विशेष जोर
आगामी श्रावण मास को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने सभी अधिकारियों को कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थलों का स्वयं निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्गों की बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का समय रहते निरीक्षण कर कमियों को दूर कराया जाए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुगम यातायात और उनके साथ सम्मानजनक एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को पूर्व से ही आवश्यक ब्रीफिंग दी जाए।
—सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर
पुलिस कमिश्नर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा किसी भी आपत्तिजनक गतिविधि पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और जाम की स्थिति से बचने के लिए प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार, पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नीतू, पुलिस उपायुक्त सुरक्षा अनिल कुमार यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

