भारत और रूस की प्रगाढ़ दोस्ती के लिए आरती कर बाबा विश्वनाथ और मां गंगा से प्रार्थना

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भारत और रूस की प्रगाढ़ दोस्ती के लिए आरती कर बाबा विश्वनाथ और मां गंगा से प्रार्थना


—ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता के लिए मां गंगा से मांगा आशीर्वाद

वाराणसी,11 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में भारत और रूस की प्रगाढ़ दोस्ती को लेकर उत्साह दिख रहा है। पारंपरिक, मजबूत और विश्वसनीय भारत-रूस दोस्ती की नई इबारत लिखने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय वार्ता के अवसर पर शुक्रवार को नमामि गंगे के स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं ने मां गंगा की आरती उतारी।

सामने घाट पर जुटे नमामि गंगे के स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं ने भारत-रूस के बहुमुखी और द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए श्री काशी विश्वनाथ से प्रार्थना की । सदस्यों ने भारत-रूस के राष्ट्रीय ध्वज और प्रधानमंत्री मोदी तथा राष्ट्रपति पुतिन की तस्वीरें लेकर बाबा विश्वनाथ और मां गंगा से प्रार्थना की। गंगा आरती और पूजन के बाद गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने बताया कि मोदी-पुतिन की मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों की नई दिशा तय करेगी। यह द्विपक्षीय वार्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में होगी। इसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित 11 सदस्य देशों और भागीदार देशों के प्रमुख नेता हिस्सा ले रहे हैं। जो सम्मेलन में वैश्विक शासन, बहुपक्षवाद, नवाचार, स्थिरता और समावेशी विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। ब्रिक्स की बढ़ती ताकत के बीच चीन-रूस से रिश्ते, पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक संस्थानों में सुधार के बीच भारत की कूटनीतिक संतुलन की बड़ी परीक्षा होगी। वहीं कट्टरवाद, उग्रवाद, सीमा पार आतंकवाद और वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्धता भी रहेगी। इसके साथ ही, वैश्विक साझेदारी को समृद्ध करने के तरीकों पर भी चर्चा की जाएगी। राजेश शुक्ला ने बताया कि दोनों नेता द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने, सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने, और स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी को प्रोत्साहित करने पर भी विचार करेंगे। उद्योग संबंधों के माध्यम से उभरती प्रौद्योगिकियों में नए रास्ते तलाशने की दिशा में भी चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि हमने मां गंगा से आशीर्वाद मांगा है कि भारत और रूस की द्विपक्षीय वार्ता हर मुद्दे पर प्रगाढ़ और मजबूत बनी रहे। दोनों देशों के नेताओं की यह मुलाकात न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का अवसर प्रदान करेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सुरक्षा और विकास के मुद्दों पर सहयोग को बढ़ावा देगी। इस आयोजन में सुभाष श्रीवास्तव, लल्लन सिंह, महेंद्र तिवारी , विनोद सिंह, राम सिंह प्रमोद कुमार पाण्डेय , राजकपूर सिंह, कृष्णानंद, आशीष कुमार राय और केदारनाथ त्रिपाठी आदि ने भागीदारी की।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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