भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर: डॉ. सत्य नारायण गुप्ता

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भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर: डॉ. सत्य नारायण गुप्ता


प्रयागराज, 19 जून (हि.स)। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की प्रगति देश को वैश्विक तकनीकी महाशक्ति में परिवर्तित करने की क्षमता रखती है, जो आर्थिक विकास, नवाचार तथा राष्ट्रीय रणनीतिक क्षमताओं को नई दिशा प्रदान करेगी। उक्त विचार वीएलएसआई सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. सत्य नारायण गुप्ता ने शुक्रवार को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद में आयोजित एक माह के वीएलएसआई डिज़ाइन समर ट्रेनिंग प्रोग्राम के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए।

मुख्य वक्तव्य देते हुए डॉ. गुप्ता ने “वीएलएसआई इंडस्ट्री इनसाइट्स: ट्रेंड्स एंड ऑपर्च्युनिटीज” विषय पर वैश्विक सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र में हो रहे नवीनतम विकास, चिप डिज़ाइन की उभरती प्रवृत्तियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित हार्डवेयर तथा कुशल वीएलएसआई पेशेवरों की बढ़ती मांग पर प्रकाश डाला। उन्होंने सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिज़ाइन ऑटोमेशन, एम्बेडेड सिस्टम तथा उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में उपलब्ध व्यापक संभावनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में भारत की भूमिका निरंतर मजबूत हो रही है।

डॉ. गुप्ता ने भारत सरकार द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय मिशनों के अंतर्गत सेमीकंडक्टर विनिर्माण एवं नवाचार को बढ़ावा देने हेतु की जा रही पहलों की भी जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को मजबूत बुनियादी ज्ञान विकसित करने, नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने तथा भारत को सेमीकंडक्टर डिज़ाइन एवं विकास का अग्रणी केंद्र बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए ट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावणे ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग भविष्य की प्रौद्योगिकी और आर्थिक विकास को आकार देने में रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत निरंतर निवेश, प्रभावी नीतिगत समर्थन तथा उच्च कौशलयुक्त मानव संसाधन के विकास के माध्यम से इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रिपल आईटी इलाहाबाद जैसे संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे प्रतिभाओं को विकसित करें और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप नवाचार को प्रोत्साहित करें।

निदेशक ने विश्वास व्यक्त किया कि वीएलएसआई डिज़ाइन समर ट्रेनिंग प्रोग्राम प्रतिभागियों को समकालीन वीएलएसआई तकनीकों, डिज़ाइन पद्धतियों और औद्योगिक प्रक्रियाओं से परिचित कराएगा। यह कार्यक्रम शैक्षणिक अध्ययन और औद्योगिक आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करते हुए विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और तकनीकी दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वीएलएसआई और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने की राष्ट्रीय परिकल्पना को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा।

कार्यक्रम समन्वयक प्रो. मनीष गोस्वामी ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड, कर्नाटक, केरल, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से 80 से अधिक बी.टेक. एवं बी.ई. छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। एक माह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान, प्रयोगशाला आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण, कार्यशालाएं तथा शिक्षाविदों एवं उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में एनालॉग एवं डिजिटल आईसी डिज़ाइन, वेरिलॉग एचडीएल के माध्यम से एफपीजीए कार्यान्वयन, कैडेंस और सिनॉप्सिस जैसे उद्योग-मानक इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन ऑटोमेशन टूल्स पर प्रशिक्षण तथा सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्रक्रियाओं का परिचय शामिल है।

ट्रिपल आईटी के पीआरओ डॉ पंकज मिश्र ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवा पेशेवरों को वेरी लार्ज स्केल इंटीग्रेशन डिज़ाइन तथा सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में उन्नत ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने वीएलएसआई डिजाइन के क्षेत्र में अंतर्विषयी अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी उन्नति के महत्व पर बल दिया। सह-समन्वयक डॉ. प्रसन्ना के. मिश्रा ने सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकियों की बढ़ती मांग तथा संचार, कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य उभरती तकनीकों पर उनके परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित किया। अंत में सह-समन्वयक डॉ. कवीन्द्र कंडपाल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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