'विजिट माय स्टेट' से मजबूत होगा होम-स्टे मॉडल, संचालकों को सिखाए जाएंगे आतिथ्य के गुर
लखनऊ, 14 सितंबर (हि.स.)। 'विजिट माय स्टेट' अभियान को गति देने के साथ उत्तर प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को विशिष्ट पहचान दिलाने और स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पर्यटन विभाग ने कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में विभाग के अंतर्गत संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम) में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए करीब 30 होम-स्टे संचालकों के लिए 15 से 19 सितंबर तक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को होम-स्टे के प्रभावी संचालन, आधुनिक पर्यटन कौशल और उत्कृष्ट आतिथ्य सेवाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल सरकार के ‘आतिथ्य से आत्मनिर्भरता’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'प्रदेश सरकार ग्रामीण पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए नवाचार, कौशल विकास और स्थानीय युवाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस कर रही है। उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने वाले होम-स्टे संचालकों में अधिकांश ऐसे हैं, जिन्होंने औपचारिक शिक्षा के बाद पर्यटन विभाग के सहयोग से स्वरोजगार के रूप में होम-स्टे संचालन को अपनाया है। विभाग के सतत प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से युवा सफल होम स्टे संचालक बन रहे हैं।'
सीखेंगे मार्केटिंग से लेकर ब्रांडिंग तक के गुर
होम-स्टे संचालकों को पेशेवर आतिथ्य सेवा प्रदाता बनाने के उद्देश्य से आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में उन्हें व्यवसाय को सफल बनाने के हर पहलू की जानकारी दी जाएगी। ट्रेनिंग के दौरान विशेषज्ञ, प्रशिक्षुओं को बताएंगे कि कम लागत में प्रभावी मार्केटिंग, होम-स्टे की ब्रांडिंग, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रचार कैसे किया जा सकता है। साथ ही, अतिथियों के पंजीकरण, शिकायत निवारण, सेवा प्रबंधन, टैरिफ निर्धारण, मूल्य तय करने और लागत नियंत्रण की व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी। प्रशिक्षण में हाउसकीपिंग, रखरखाव, इंटीरियर सहित अन्य जानकारी भी दी जाएगी।
इसके अलावा, होम स्टे संचालकों को बेहतर आतिथ्य सेवा, व्यक्तित्व विकास, ग्रूमिंग, स्थानीय व्यंजनों और जैविक उत्पादों के मानकीकरण, स्वच्छता, सुरक्षा, स्वास्थ्य, टेबल एटीकेट और सेवा प्रोटोकॉल की बारीकियां भी बताई जाएंगी। पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में होम स्टे संचालकों को चार दिन थ्योरी और पांचवें दिन एक होम स्टे का भ्रमण कराकर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पर्यटन विभाग द्वारा बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होम-स्टे नीति-2025 के तहत अब तक 1,000 से अधिक सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं। जनवरी 2026 के उपरांत आवेदन में तेजी आई है।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

