रेलवे स्टाफ की सराहनीय पहल, सतर्कता से सुरक्षित हुआ 11 वर्षीय बालक
मुरादाबाद, 02 मई (हि.स.)। अमृतसर–सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस में ऑन ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ को ड्यूटी के दौरान कोच संख्या जी-3 में मुरादाबाद स्टेशन पर लगभग 11 वर्षीय बालक अकेले कोच में घूमता हुआ मिला। जो मूल रूप से हरदोई का रहने वाला था। गाड़ी के हरदोई पहुंचने पर बालक को सुरक्षित रूप से आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया गया, ताकि बालक अपने परिजनों से मिल सके।
उत्तर रेलवे के मुरादाबाद रेल मंडल में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव ने बताया कि शनिवार को गाड़ी संख्या 12204 (अमृतसर–सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस) में ऑन ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ, हरदोई मुख्यालय/मुरादाबाद मंडल के सीआईटी मनीष प्रकाश बाजपेई को अपनी ट्रेन ड्यूटी के दौरान कोच संख्या जी-3 में मुरादाबाद स्टेशन पर लगभग 11 वर्षीय बालक अकेले कोच में घूमता हुआ मिला।
सीआईटी ने बालक को अपने पास बैठाकर पूछताछ की, तब बालक ने अपना नाम 'बादल' तथा निवासी सहरसा बताया। उसने बताया कि वह दिल्ली से ट्रेन में चढ़ा है, परंतु वह अपने परिवार के बारे में अधिक जानकारी नहीं दे सका और ट्रेन में उसके साथ कोई परिजन मौजूद नहीं था। न ही कोई टिकट था। पर्याप्त जानकारी न होने और किसी परिजन के गाड़ी में साथ न होने के कारण स्थिति संवेदनशील पाई गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मनीष प्रकाश बाजपेई द्वारा तत्काल कंट्रोल रूम को सूचित किया गया एवं सीआईटी द्वारा हरदोई स्टेशन पर आरपीएफ को गाड़ी पर बुलाने की मांग की गई। गाड़ी के हरदोई पहुंचने पर बालक को सुरक्षित रूप से आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया गया, जिससे उसे उसके परिवार से मिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।
सीनियर डीसीएम ने आगे बताया कि रेलवे प्रशासन अपने कर्मचारियों की इस सतर्कता एवं मानवीय पहल की सराहना करता है।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

