शिक्षा का मूल उद्देश्य कोई भी बच्चा आउट ऑफ स्कूल न रहे : मंडलायुक्त
-माघ मेला में वंचित तबके के बच्चों के लिए लगी ‘विद्या कुम्भ’ की पाठशाला
प्रयागराज, 06 जनवरी (हि.स.)। माघ मेला क्षेत्र में सैनिटेशन व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सेक्टर संख्या-3 में निर्मित सैनिटेशन कॉलोनी में प्रवासरत सफाई कर्मियों के बच्चों की निरंतर शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राथमिक मंगलवार को विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्र ’विद्या कुम्भ’ का शुभारम्भ मंडलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल ने किया।
मुख्य अतिथि सौम्या अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य यह है कि कोई भी बच्चा आउट-ऑफ-स्कूल न रहे तथा सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्र की स्थापना इसी उद्देश्य से की गई है। शिक्षकों का दायित्व है कि वे बच्चों की रचनात्मक क्षमता का विकास करें तथा आधुनिक तकनीक की सहायता से वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करें, जिससे बच्चे भविष्य में सुयोग्य नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।“
विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने कहा, “बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई खेल सामग्री, साइंस एवं मैथ किट के माध्यम से शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जाए, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीखने की प्रक्रिया को आत्मसात कर सकें।“जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने अवगत कराया कि बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों द्वारा सैनिटेशन कॉलोनी में निवासरत सफाई कर्मियों के सभी परिवारों का सर्वेक्षण कर बच्चों को चिन्हित करते हुए आयु अनुसार कक्षाओं में कुल 333 बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया गया है। इन बच्चों को सम्पूर्ण माघ मेला अवधि में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा और बच्चों के समग्र विकास के लिए कार्यरत गैर लाभकारी संस्था एजुकेट गर्ल्स ने शिक्षा विभाग के सहयोग से संगमनगरी में आयोजित माघ मेला के अंतर्गत उद्घाटन समारोह में कक्षा-1 सृजन, कक्षा-2 विद्या अंकुर, कक्षा-3 विद्या उदय, कक्षा-4 विद्या अर्जुन और कक्षा-5 विद्यापथ के फीते काटकर सभी कक्षाओं को बच्चों के लिए समर्पित किया गया। एजुकेट गर्ल्स द्वारा ‘विद्या कुंभ’ पहल की शुरुआत पूर्व में महाकुम्भ के दौरान की गई थी, जिसे अब माघ मेला में शिक्षा विभाग के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है।
एजुकेट गर्ल्स संस्था के स्टेट ऑपरेशन हेड नितिन कुमार झा ने कहा कि हम इस पहल के लिए राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग का धन्यवाद करते हैं। सरकार और शिक्षा विभाग का यह समर्थन हमारे प्रयासों को और मज़बूती देता है तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विक्रम सोलंकी, डायरेक्टर ऑफ ऑपरेशन्स, एजुकेट गर्ल्स ने कहा कि माघ मेला जैसे बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिक्षा को शामिल करना अत्यंत सराहनीय है। यह पहल बच्चों को न सिर्फ पढ़ाई, बल्कि खेल, कला और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अनुभव देगी और उनका समग्र विकास सुनिश्चित करेगी।
कार्यक्रम के संयोजक राजीव त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों के लिए इंडोर और आउटडोर खेल सामग्री, प्रतिदिन मध्याह्न भोजन और विभिन्न सरकारी योजनाओं से सम्बंधित प्रदर्शनी की भी व्यवस्था की गई है। इससे बच्चों को शिक्षा के साथ साथ उनकी समग्र जीवन आवश्यकताएं और कौशल विकास सुनिश्चित होंगे।
कार्यक्रम में मेला अधिकारी ऋषि राज, अभिनव पाठक (उपजिलाधिकारी), डॉ. आनंद सिंह, वैशाली शुक्ला (नायब तहसीलदार), खंड शिक्षा अधिकारी और एजुकेट गर्ल्स टीम के सदस्य अभिनव दुबे, आशीष राय, अवनीश कुमार यादव, नेहा सिंह, आलोक कुमार, सद्दाम, शशि प्रकाश, कुंवर, प्रभाकर, पंकज, उर्वशी, शालिनी आदि उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

