वर्तमान प्रतिस्पर्धी समय में स्किल्स ही सफलता की है वास्तविक पहचान : कुलपति

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वर्तमान प्रतिस्पर्धी समय में स्किल्स ही सफलता की है वास्तविक पहचान : कुलपति


वर्तमान प्रतिस्पर्धी समय में स्किल्स ही सफलता की है वास्तविक पहचान : कुलपति


वर्तमान प्रतिस्पर्धी समय में स्किल्स ही सफलता की है वास्तविक पहचान : कुलपति


वर्तमान प्रतिस्पर्धी समय में स्किल्स ही सफलता की है वास्तविक पहचान : कुलपति


वर्तमान प्रतिस्पर्धी समय में स्किल्स ही सफलता की है वास्तविक पहचान : कुलपति


गोरखपुर, 25 अप्रैल (हि.स.)। युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने और उन्हें इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत शनिवार काे गोरखपुर के गोकुल अतिथि भवन में ‘प्रोजेक्ट सक्षम’ कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। यह योजना हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) द्वारा अपने सीईआर उपक्रम के अंतर्गत प्रायोजित है तथा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के मार्गदर्शन में मैपिंग स्किल्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित की जा रही है।

इस योजना के अंतर्गत दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 400 विद्यार्थियों को इंडस्ट्री-ओरिएंटेड प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें। कार्यक्रम में तीन प्रमुख क्षेत्रों—अकाउंट्स असिस्टेंट, रिटेल सेल्स एग्जीक्यूटिव तथा फील्ड टेक्नीशियन (कंप्यूटिंग एवं पेरिफेरल्स) —में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत प्रतिभागियों को 8,000 रुपये तक का स्टाइपेंड तथा मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत लगभग 32 लाख रुपये की राशि विद्यार्थियों के कौशल विकास पर व्यय की जाएगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अपने संबोधन में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी समय में स्किल्स ही सफलता की वास्तविक पहचान हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि उन्हें व्यावहारिक दक्षता से भी सशक्त बनाना उसकी प्राथमिकता है। उन्होंने ‘प्रोजेक्ट सक्षम’ को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रभावी पहल बताया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सिबा प्रसाद मोहंती ने कहा कि इस प्रकार की पहलें युवाओं को इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करती हैं और उनके लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करती हैं। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के डीजीएम (सीएसआर) शांतनु घोष ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

विश्वविद्यालय के रोजगार ब्यूरो, मार्गदर्शन एवं प्लेसमेंट सेल के डायरेक्टर प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना विद्यार्थियों के करियर निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. पूनम टंडन एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया गया। साथ ही, मैपिंग स्किल्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शिव कक्कड़ ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम के सफल संचालन का विश्वास व्यक्त किया।

कार्यक्रम का समापन प्रशिक्षण केंद्र के औपचारिक उद्घाटन एवं अवलोकन के साथ हुआ। ‘प्रोजेक्ट सक्षम’ क्षेत्र के युवाओं को स्किल्स, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस कार्यक्रम में मैपिंग स्किल्स के प्रोजेक्ट मैनेजर बासु अग्रहरि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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