वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन : साहस और गौरव के साथ आगे बढ़ते कदम
प्रयागराज, 04 जनवरी (हि.स.)। “टीम की शक्ति प्रत्येक व्यक्ति में निहित होती है और प्रत्येक व्यक्ति की शक्ति टीम में।” इस अटूट विश्वास से एकजुट होकर वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन के प्रतिभागियों ने सातवें दिन सासाराम से वाराणसी की ओर प्रस्थान किया।
घने कोहरे के बीच भोर की पहली किरणों और पक्षियों की मधुर चहचहाहट के साथ साइकिल सवारों ने “शौर्य के कदम, क्रांति की ओर” के प्रेरक उद्घोष के साथ अदम्य साहस और जोश के साथ अपनी यात्रा जारी रखी। हर गुजरते दिन के साथ नई दिल्ली की दूरी को दृढ़ संकल्प से कम करते हुए। सासाराम में प्रवास के दौरान साइक्लोथॉन टीम को 16वीं शताब्दी की भव्य स्थापत्य कृति शेर शाह सूरी के मकबरे का दर्शन करने का अवसर मिला। इसके पश्चात टीम ने यात्रा के अब तक के सबसे लम्बे और चुनौतीपूर्ण चरण, सासाराम से वाराणसी तक 120 किलोमीटर की कठिन सवारी के लिए स्वयं को तैयार किया।
यह जानकारी रक्षा मंत्रालय, प्रयागराज के विंग कमांडर एवं पीआरओ ने रविवार को दी। उन्होंने बताया कि बिहार के भीतर अंतिम गंतव्य सासाराम से साइक्लोथॉन को औपचारिक रूप से लेफ्टिनेंट कर्नल अनूप कुमार, कार्यवाहक कमांडिंग ऑफिसर, 42 बिहार बटालियन एनसीसी द्वारा रवाना किया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर आगे बढ़ते हुए जैसे-जैसे साइकिल सवार आगे बढ़े, यातायात का शोर पीछे छूटता गया और मार्ग के दोनों ओर खड़े दर्शकों की तालियों और जयकारों ने उनका स्वागत किया।
उत्तर प्रदेश की पवित्र भूमि में प्रवेश करते समय साइक्लोथॉन टीम के साहस, संकल्प और अदम्य भावना को सभी ने नमन किया। “एक साथ आना शुरुआत है, साथ बने रहना प्रगति है और साथ मिलकर काम करना सफलता है।” इस विचार को जीवंत करते हुए वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन ने एकता और दृढ़ निश्चय की सशक्त लहर को प्रेरित किया। सामूहिक शक्ति के सच्चे प्रमाण के रूप में एक एनसीसी अधिकारी, तीन स्थायी प्रशिक्षक तथा एक एनसीसी पूर्व छात्र सहित नौ एनसीसी कैडेटस ने साइक्लोथॉन टीम के साथ सवारी करते हुए वाराणसी तक का सफर तय किया और इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया।
विंग कमांडर ने बताया कि विश्व के प्राचीनतम जीवित नगरों में से एक, काशी बनारस के नाम से विख्यात और पवित्र गंगा तट पर बसे वाराणसी पहुंचने पर साइक्लोथॉन टीम का कर्नल विक्रम सांखला, उप समूह कमांडर एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय वाराणसी ‘ए’, 91 यूपी बटालियन एनसीसी के कैडेट्स तथा अन्य अतिथियों द्वारा स्वागत किया गया।
इस अवसर को सांस्कृतिक गौरव के साथ चिह्नित करते हुए टीम ने एक सुसंगठित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। जिसमें झारखंड की समृद्ध विरासत का सुंदर प्रतिबिम्ब दिखाई दिया और राज्य के महान आदिवासी नायक एवं स्वतंत्रता सेनानी वीर बिरसा मुंडा के सर्वोच्च बलिदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वाराणसी में रात्रि विश्राम के पश्चात, वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन टीम आठवें दिन अपनी यात्रा के अगले चरण में मिर्ज़ापुर की ओर अग्रसर होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

