पौधरोपण के बाद अब संरक्षण पर जोर, हर ग्राम पंचायत में बनेंगे ‘वन मित्र’

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पौधरोपण के बाद अब संरक्षण पर जोर, हर ग्राम पंचायत में बनेंगे ‘वन मित्र’


उरई , 29 सितंबर (हि.स.)। जालौन में पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण को धरातल पर स्थायी रूप देने की दिशा में प्रशासन ने अब पौधों के संरक्षण और निगरानी पर विशेष जोर दिया है। मंगलवार क़ो जिलाधिकारी समीर की अध्यक्षता में विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई और अधिकारियों को समयबद्ध दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार ने जनपद में वन क्षेत्र तथा वन विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए वर्षाकाल 2026 में विभागवार कराए गए पौधरोपण की प्रगति प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वर्षाकाल 2026 में कराए गए पौधरोपण की 30 सितंबर तक शत-प्रतिशत जियो टैगिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही पिछले तीन वर्षों में किए गए पौधरोपण का सत्यापन कर पौधों की शत-प्रतिशत सफलता बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जाए।

जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक ‘वन मित्र’ बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन मित्र स्थानीय स्तर पर वनों की सुरक्षा, पौधों के संरक्षण और वन्यजीवों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, झांसी को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2026 के प्रावधानों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी एचएन प्रसाद, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार रामेन्द्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी गगनदीप, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी परवेज खान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विशाल कुमार वर्मा

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