ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लिए सही राह पर उत्तर प्रदेश, दोगुनी करनी होगी रफ्तार : मुख्यमंत्री

ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लिए सही राह पर उत्तर प्रदेश, दोगुनी करनी होगी रफ्तार : मुख्यमंत्री
ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लिए सही राह पर उत्तर प्रदेश, दोगुनी करनी होगी रफ्तार : मुख्यमंत्री


- एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था' के लिए जारी प्रयासों और परिणामों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

-अपेक्षित परिणाम के लिए आंकड़ों का संग्रहण शुद्धता के साथ होना आवश्यक, करायें प्रशिक्षण: मुख्यमंत्री

-हमारे पास अनुकूल अवसर, असीमित पोटेंशियल, उठाना होगा पूरा लाभ : मुख्यमंत्री

लखनऊ, 10 जून(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश को एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाने के संकल्प की पूर्ति की दिशा में जारी प्रयासों, अब के परिणामों और भावी नीति पर विमर्श किया।

मुख्यमंत्री ने सभी मन्त्रिगणों और वरिष्ठ अधिकारियों को ईज ऑफ लिविंग तथा अधिकाधिक रोजगार सृजन की दिशा में विशेष प्रयास करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया के बेस्ट प्रैक्टिसेज को देखें, अध्ययन करें और आवश्यकतानुसार लागू करें।

उन्होंने समीक्षा बैठक में कहा कि विगत 07 वर्षों के नियोजित प्रयासों से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था आज सार्वकालिक सर्वश्रेष्ठ स्थिति में है। 2021-22 में प्रदेश की कुल जीडीपी 16.45 लाख करोड़ थी जो आज 2023-24 में 25.48 लाख करोड़ से अधिक हो गई है। राष्ट्रीय आय में उत्तर प्रदेश 9.2 प्रतिशत का योगदान कर रहा है। उत्तर प्रदेश आज देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में देश के विकास का ग्रोथ इंजन बन रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर के राष्ट्रीय मानकों का आंकलन करें इसमें भी हमें अपने प्रयासों के अच्छे परिणाम मिले हैं। 2021-22 में प्रचलित भावों पर उत्तर प्रदेश की वृद्धि दर 20.1 प्रतिशत रही, जबकि स्थायी भाव पर 9.8 प्रतिशत रही। इसी प्रकार, 2023-24 में स्थायी भाव पर प्रदेश में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई और प्रचलित भाव पर 12.8 प्रतिशत वृद्धि दर रही। यह स्थिति दर्शाती है कि प्रदेश विकास की सही राह पर है। हमें अपने प्रयासों को और नियोजित रीति से आगे बढ़ाना होगा।

उन्होंने बताया कि 2021-22 से 2023-24 के बीच प्रदेश का कम्पाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) लगभग 15.7 प्रतिशत दर्ज किया गया है। यह स्थिति उत्साहजनक है। वर्ष 2027 तक वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य पूरा करने के लिए अगले 05 वर्षों में हमें अपनी वृद्धि दर को दोगुने से अधिक बढ़ाना होगा। सभी विभागों को अपने प्रयास तेज करने होंगे। बेहतर प्लानिंग करनी होंगी। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। सभी को मिलकर सही नीति और नियोजित क्रियान्वयन के लिए प्रयास करना होगा।

उन्होंने कहा कि आंकड़ों का संग्रहण शुद्धता के साथ होना आवश्यक है। विभिन्न सेक्टर की स्थिति के सही आकलन के लिए विभागवार सांख्यकीय अधिकारियों के लिए कार्यशाला एवं प्रशिक्षण का आयोजन करें। डेटा जितना शुद्ध होगा, लक्ष्य के लिए हम उतना ही बेहतर प्रयास कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ईज ऑफ लिविंग और रोजगार सृजन के लिए सभी को प्रयास करना होगा। यह सरकार की प्राथमिकता है। देश-दुनिया के बेस्ट प्रैक्टिसेज को देखें-अध्ययन करें और फिर आवश्यकतानुसार प्रदेश में लागू करें।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास बहुत पोटेंशियल है। विशाल लैंडबैंक है। पर्याप्त जल संसाधन है। उपजाऊ भूमि है। आज हमारे पास अनुकूल अवसर है। इसका पूरा लाभ उठाना होगा। आर्थिक बेहतरी के लिए तय लक्ष्यों के सापेक्ष सभी विभागों की प्रगति की समीक्षा होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि अर्थव्यवस्था के प्राथमिक खंड में सुधार के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का समावेश किया गया है। डिजिटल क्रॉप सर्वे जैसे प्रयास किए गए हैं। इसे सभी 75 जिलों में प्रभावी ढंग से लागू करना होगा। अनाज, फल और सब्जियों के उत्पादन की वृद्धि दर को दोगुनी तेजी देने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि दलहन और तिलहन के उत्पादन में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य स्तरीय योजनाओं के अच्छे परिणाम मिले हैं। वर्ष 2023-24 में दलहन उत्पादन में 9.2 प्रतिशत तथा मूंगफली उत्पादन में 28.8 प्रतिशत और दुग्ध उत्पादन में 11.92 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। हमने अंडा और मत्स्य उत्पादन में भी अच्छा कार्य किया है। विभिन्न फसलों में उच्च प्रजाति की किस्मों के आंकड़ों का समावेश किया गया है। फसल विविधीकरण एवं बेहतर सप्लाई चेन मैनेजमेंट और बेहतर करने की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रान्सफार्म के मंत्र का अर्थव्यवस्था के द्वितीयक खंड सबसे अच्छा परिणाम देखने को मिला है। अकेले 12.7 लाख करोड़ के एम.ओ.यू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए हुए हैं। इंडस्ट्रियल पॉवर कंजप्शन में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। औद्योगिक प्राधिकरण क्षेत्र में स्थापित इकाइयों का सर्वेक्षण, अप्रयुक्त प्लॉटों का चिन्हीकरण। नये इन्डस्ट्रियल कॉरिडोर की स्थापना हो रही है। 44 नई टाउनशिप पर कार्य प्रारंभ हुआ है। असंगठित क्षेत्र के सही आकलन के लिए जिला आय अनुमानों को और बेहतर ढंग से तैयार किया जाना चाहिए।

नियोजन विभाग की ओर से आयोजित बैठक में प्रदेश सरकार के विभिन्न मंत्रीगणों की उपस्थिति रही। बैठक में नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव और कंसल्टिंग एजेंसी डेलॉयट इंडिया ने विस्तार से प्रदेश के आर्थिक परिवेश की वर्तमान स्थिति और संभावित भावी परिणाम, उद्योग जगत की अपेक्षाओं आदि के संबंध में सेक्टरवार विस्तार से जानकारी दी।

हिन्दुस्थान समाचार/जितेन्द्र/राजेश

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