2017 से पहले सपा के पेशेवर गुंडे शिक्षण संस्थानों में हावी थे: योगी आदित्यनाथ

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2017 से पहले सपा के पेशेवर गुंडे शिक्षण संस्थानों में हावी थे: योगी आदित्यनाथ


2017 से पहले सपा के पेशेवर गुंडे शिक्षण संस्थानों में हावी थे: योगी आदित्यनाथ


लखनऊ,17 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित शिक्षक-स्नातक मतदाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला।

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी को शिक्षा और युवाओं का विरोधी बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और शिक्षा, ये दोनों नदी के दो छोर हैं, जो कभी मिलते नहीं। उन्होंने कहा कि पहले शिक्षण संस्थानों में सपा के पेशेवर गुंडे हावी थे। शिक्षा की दिशा में कोई काम नहीं हुआ था। पिछली सरकार में न नीति थी न नीयत। और न ही कार्य करने की कोई इच्छाशक्ति थी। जिस जमीन पर माफिया ने पैर रखा वह जमीन उसकी। कोई भी उसके कब्जे को हटा नहीं सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने हमेशा युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा किया और शिक्षा व्यवस्था को बदहाल किया। पिछली सरकारों में न नीति थी और न नीयत थी।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि सपा कहती है कि वह शिक्षा के लिए कुछ करना चाहती है, तो यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे कोई मगरमच्छ नदी किनारे आकर कहे कि 'मेरी पीठ पर सवार हो जाओ, सुरक्षित पार पहुंचा दूंगा'।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले एक 'सैफई सिंडिकेट' सक्रिय था, जो प्रदेश के युवाओं के हक की नौकरियों में सेंधमारी करता था। भर्ती आयोगों में अयोग्य चेयरमैन बैठे थे। ‘सपा सरकार में परीक्षा देने वाले का अता-पता नहीं था। पैसा देने वालों को नियुक्ति मिल जाती थी। ‘पिछले 9 वर्ष में भर्ती प्रक्रिया में कोई प्रश्नचिन्ह नहीं। पहले एक ही जाति के लोगों को नौकरी मिलती थी। पिछले 9 वर्ष में भर्ती प्रक्रिया में कोई प्रश्नचिन्ह नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेठी, रायबरेली, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर में अब मेडिकल कॉलेज है। इन जिलों में अब अच्छे शिक्षण संस्थान हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि विपक्ष अपनी हार मान चुका है, लेकिन अति-आत्मविश्वास में नहीं आना है। सीएम योगी ने सचेत किया कि अंधेरी रात में ही चोर-डकैत सेंधमारी करते हैं, विरोधी भी यही काम करेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने वालों को जवाब देने का यह सही समय है, क्योंकि यह चुनाव ईवीएम से नहीं बल्कि बैलेट पेपर से हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में त्योहारों पर उत्सव नहीं बल्कि उपद्रव होता था। आज पूरे प्रदेश में सुरक्षा और शांति का माहौल है। बेटियों की सुरक्षा पर कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि आज बेटियां पूरी तरह सुरक्षित हैं और यदि किसी ने सुरक्षा में सेंध लगाने की हिमाकत की, तो अगले ही चौराहे पर पुलिस के पास उसका मुकम्मल 'उपचार' तैयार है।

राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण ही उत्तर प्रदेश में भारी निवेश आया है। इस निवेश की बदौलत प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। सरकार ने अब तक साढ़े 9 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है, जबकि 65 लाख से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है।

उन्होंने कहा कि पहले हमारे युवाओं को रोजगार के लिए जिन राज्यों में जाना पड़ता था, आज वहां वीरानी छाई हुई है, क्योंकि यूपी खुद विकास का हब बन चुका है। 23 अक्टूबर को मतदान की अपीलमुख्यमंत्री ने आगामी 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान के दिन सभी शिक्षकों और स्नातकों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस दिन लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदाता अपने पोलिंग बूथ पर जरूर पहुंचें और न्याय तथा सुशासन के पक्ष में अपना परिणाम दें। मैं शिक्षकों, युवाओ से अपील करूंगा कि 23 अक्टूबर को पहले मतदान करें, उसके बाद ही कहीं जायें। इस अवसर पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना,भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, स्नातक एमएलसी प्रत्याशी अवनीश सिंह पटेल,शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी उमेश द्विवेदी, भाजपा की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रेशू भाटिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

Livevns.news Desk
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