गंगा उत्सव पर यमुना किनारे हुई भव्य आरती और दीपदान, विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया नदी संरक्षण का संदेश
औरैया, 04 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद जिलाधिकारी बृजेश कुमार एवं प्रभागीय वनाधिकारी के निर्देशन में जिला गंगा समिति की ओर से बुधवार को गंगा उत्सव का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनसामान्य को नदियों के संरक्षण, स्वच्छता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक करना रहा। साथ ही नदी संरक्षण के अभियान में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करने के साथ नदियों के महत्व और उनके संरक्षण का संदेश दिया। छात्र-छात्राओं ने गंगा और यमुना को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक किया।
इसके बाद औरैया के शेरगढ़ घाट स्थित यमुना नदी के तट पर भव्य आरती और दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं और उपस्थित लोगों ने मां यमुना के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए दीपदान किया। यमुना तट पर दीपों की रोशनी से वातावरण भक्तिमय हो गया। लोगों ने नदियों को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषणमुक्त बनाए रखने का संकल्प भी लिया।
जिला गंगा समिति की ओर से आमजन से अपील की गई कि नदियों में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक और अन्य प्रदूषित सामग्री न डालें। नदी तटों की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय सहयोग करें। समिति ने कहा कि नदी संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता जरूरी है। नदियों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

