विश्व जल दिवस : मीरजापुर में 279 प्रतिभागियों ने सीखी जल बचाने की तकनीक

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विश्व जल दिवस : मीरजापुर में 279 प्रतिभागियों ने सीखी जल बचाने की तकनीक


मीरजापुर, 22 मार्च (हि.स.)। विश्व जल दिवस के अवसर पर रविवार को जिला विज्ञान क्लब मीरजापुर की ओर से आयोजित ऑनलाइन कार्यशाला में जल संकट पर गंभीर मंथन हुआ। खास बात यह रही कि इस डिजिटल मंच से 279 लोगों व बच्चों से लेकर बड़ों तक ने जुड़कर जल संरक्षण की अहम सीख ली।

हर साल 22 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व जल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यशाला में विशेषज्ञों ने “जल एवं लैंगिक समानता” थीम के तहत पानी के महत्व और उसके संरक्षण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। समन्वयक सुशील कुमार पाण्डेय ने बताया कि इस दिवस का उद्देश्य सुरक्षित जल तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करना और जल के दुरुपयोग को रोकना है।

विशेषज्ञ डॉ. एएन सिंह ने बताया कि आज भी दुनिया की बड़ी आबादी नदियों पर निर्भर है, लेकिन भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और जल स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं। उन्होंने वर्षा जल संचयन को बड़े पैमाने पर अपनाने पर जोर दिया। डॉ. आरवी कुमार ने जल प्रदूषण के लिए औद्योगिक, घरेलू और कृषि रसायनों को जिम्मेदार ठहराया। वहीं डॉ. सौम्या सिंह ने पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियों की ओर लौटने की जरूरत बताई। उन्होंने चेताया कि कई क्षेत्रों में पानी में फ्लोराइड और आयरन जैसे खतरनाक तत्व बढ़ रहे हैं, जिससे गंभीर बीमारियां जन्म ले रही हैं।

कार्यशाला के समापन पर विशेषज्ञों ने बच्चों और प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जल संरक्षण का संदेश फैलाएं। कार्यक्रम ने एक बार फिर याद दिलाया कि अगर अभी नहीं संभले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी केवल कहानी बनकर रह जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

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