काशी में दोपहर से वॉलीबॉल ‘महाकुंभ’ की शुरूआत,प्रधानमंत्री मोदी करेंगे वर्चुअली उद्घाटन
-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिगरा स्टेडियम में रहेंगे मौजूद, खिलाड़ियों का बढ़ाएंगे उत्साह
वाराणसी, 04 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 72 वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन रविवार दोपहर में सिगरा स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली इस प्रतियोगिता का उद्घाटन दोपहर 12 बजे करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेडियम में मौजूद रहकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएंगे। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहेंगे। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में यह प्रतियोगिता 11 जनवरी तक चलेगी। इसमें देश भर से 58 टीमें (पुरुष एवं महिला ) भाग ले रही है । चैम्पियनशिप में स्विट्जरलैंड से अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ के आब्जर्वर भी मौजूद रहेंगे। उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल संघ के सचिव सुनील कुमार तिवारी के अनुसार प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पहली बार सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप हो रही है। इसमें 30 पुरुष और 28 महिला टीमें भाग लेंगीं। जिला वॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह ने बताया कि रेलवे के अलावा सेना के तीनों अंगों (जल,थल, नभ ) को मिलाकर बनी टीम भी प्रतिभाग करेगी। प्रतियोगिता 11 जनवरी को समाप्त होगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में कई वर्षो (1984 ) के बाद ये चैंपियनशिप होने जा रहा है। पूर्वांचल के खेल प्रेमियों के लिए ये चैम्पियनशिप बहुत बड़ा आयोजन है। इसमें से सेलेक्ट किये हुए खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष और वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी ने बताया कि साई और खेल विभाग उत्तर प्रदेश के बीच सिगरा स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सेण्टर ऑफ़ एक्ससिलेन्स के बीच एमओयू होना है। आयोजन समिति की ओर से खेल का शुभांकर (नंदी और डॉलफिन ) भी जारी किया जा चुका है । वॉलीबॉल चैंपियनशिप में देश भर के लगभग 1044 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे है। जिसमें 540 पुरुष खिलाड़ी और 504 महिला ख़िलाड़ी हैं। राष्ट्रीय स्तर के इस उद्घाटन समारोह में सभी खेलों के राष्ट्रीय और अन्तर्रष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही पद्मश्री सम्मान से सम्मानित और विशिष्ट जनों को भी आमंत्रित किया गया है। महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि काशी को ‘स्पोर्ट्स टूरिज्म हब’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि काशी की यह मेजबानी आने वाले वर्षों में और बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का मार्ग प्रशस्त करेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

