विश्व श्रमिक दिवस पर संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में कर्मयोगियों को नमन, श्रम सम्मान
बोले कुलपति, समाज में श्रम के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक
वाराणसी, 01 मई (हि.स.)। “विश्व श्रमिक दिवस” पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में कर्मयोगियों को नमन कर श्रमिकों के बीच कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने मिष्ठान्न वितरित किया।
श्रम सम्मान का संदेश देकर कुलपति प्रो. शर्मा ने श्रमिकों के अमूल्य योगदान को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि श्रमिक वर्ग अपने अथक परिश्रम, निष्ठा एवं समर्पण के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र की प्रगति को निरंतर गति प्रदान करता है। श्रम ही सृजन का मूल आधार है और मानव सभ्यता की उन्नति का वास्तविक प्रेरक तत्व भी श्रम ही है। प्रत्येक श्रमिक अपने कार्य से न केवल अपने जीवन को संवारता है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक एवं राष्ट्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुलपति ने कहा कि समाज में श्रम के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है। श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, उनके कल्याण एवं गरिमामय जीवन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। एक न्यायपूर्ण, समतामूलक एवं संवेदनशील समाज की स्थापना तभी संभव है जब श्रम को उचित सम्मान प्राप्त हो। कुलपति प्रो. शर्मा ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे श्रम के महत्व को आत्मसात करें तथा श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा एवं उत्थान हेतु सक्रिय भूमिका निभाएं।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

