वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की स्मृति में जले दीप, वेद मंत्रों के बीच दी गई श्रद्धांजलि

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वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की स्मृति में जले दीप, वेद मंत्रों के बीच दी गई श्रद्धांजलि


168वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर ‘वीरांगना एक्सप्रेस’ नामकरण की उठी मांग

वाराणसी, 17 जून (हि.स.)। देश की स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना एवं झांसी की रानी महारानी लक्ष्मीबाई की 168वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय स्मृति समारोह का शुभारंभ बुधवार शाम उनकी जन्मस्थली भदैनी स्थित स्मारक परिसर में हुआ। तेज आंधी और बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर वीरांगना को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

जागृति फाउंडेशन एवं महारानी लक्ष्मीबाई जन्मस्थान स्मारक समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के ‘लोक भूषण सम्मान’ से सम्मानित साहित्यकार डॉ. जयप्रकाश मिश्र तथा विशिष्ट अतिथि फिल्म निर्माता एवं निर्देशक दिलीप कुमार ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर बीएचयू केंद्रीय पुस्तकालय के रामा पांडेय, वाराणसी दूरदर्शन के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी चंद्रशेखर शुक्ला, डी.एल. कश्यप, राकेश तिवारी तथा जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मारवाड़ी सेवा संस्कृत उच्चतर विद्यालय के वेदपाठी बटुकों ने वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ महारानी लक्ष्मीबाई की स्मृति में दीप जलाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूरे परिसर में राष्ट्रभक्ति और श्रद्धा का वातावरण व्याप्त रहा।

मुख्य अतिथि डॉ. जयप्रकाश मिश्र ने कहा कि काशी की बेटी और झांसी की रानी महारानी लक्ष्मीबाई ने अपने अदम्य साहस और बलिदान से अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी थी। उनका संघर्ष भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। उन्होंने कहा कि काशी की इस वीरांगना पर पूरे देश को गर्व है। समाजसेवी नागेश सिंह ने कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई का राष्ट्र के प्रति योगदान अविस्मरणीय है। आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश की आन, बान और शान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

कार्यक्रम के संयोजक रामयश मिश्र ने केंद्र सरकार से वाराणसी से ग्वालियर तक संचालित बुंदेलखंड एक्सप्रेस का नाम बदलकर ‘वीरांगना एक्सप्रेस’ रखने की मांग दोहराई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मांगपत्र पूर्व रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा तथा प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय को पूर्व में सौंपा जा चुका है। स्मृति समारोह के तहत गुरुवार को भी विभिन्न सांस्कृतिक एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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