वाराणसी का बाबतपुर एयरपोर्ट रोड बनेगा ‘स्पिरिचुअल गेटवे’,भव्य महाकाल स्तंभ स्थापित किए जाएंगे
— हेरिटेज लाइटिंग से जगमगाएगा काशी का हृदय क्षेत्र,चौराहों का हाेगा कायाकल्प
—संवर रहा वाराणसी शहर का बुनियादी ढांचा, चौराहों से लेकर कुंडों तक दिखेगी विरासत की झलक
वाराणसी, 11 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकास और विरासत संरक्षण का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। नगर निगम ने शहर की प्राचीन सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए 48.88 करोड़ रुपये की व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना के तहत धार्मिक स्थलों, प्रमुख चौराहों, पर्यटन क्षेत्रों और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास बनारस की पारंपरिक स्थापत्य शैली के अनुरूप किया जाएगा।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य शहर की आधारभूत संरचना को मजबूत करना, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना तथा विश्वभर से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
—सारनाथ में बनेगी आधुनिक स्वचालित पार्किंग
निगम के जनसम्पर्क कार्यालय के अनुसार,वाराणसी शहर की प्रमुख समस्याओं में शामिल यातायात और पार्किंग संकट के समाधान के लिए पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण सारनाथ में अत्याधुनिक स्वचालित (स्लाइडिंग/पजल) पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा। यह परियोजना ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, मणिकर्णिका घाट के आसपास बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय सब्जी मंडी का सुव्यवस्थित पुनर्विकास तथा समर्पित दोपहिया वाहन पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी।
—पिशाचमोचन कुंड पर श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पिशाचमोचन कुंड पर प्रतिवर्ष पितृ पक्ष, पर्व-त्योहारों और विशेष अनुष्ठानों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसे देखते हुए नगर निगम 2.34 करोड़ रुपये की लागत से यहां आधुनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल और श्रद्धालुओं के ठहरने की बेहतर सुविधाएं विकसित करेगा।
—हेरिटेज थीम पर होगा चौराहों का सुंदरीकरण
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार शहर के 15 प्रमुख चौराहों और तिराहों को हेरिटेज थीम पर विकसित किया जा रहा है। मिंट हाउस और नदेसर तिराहे पर कार्य शुरू हो चुका है, जहां बनारस की पारंपरिक वास्तुकला को दर्शाने वाले हेरिटेज ट्रैफिक बूथ और विशाल प्राचीन शैली की घड़ियां स्थापित की गई हैं। योजना के प्रथम चरण में 3.10 करोड़ रुपये की लागत से कचहरी, पुलिस लाइन, सुंदरपुर और भिखारीपुर चौराहों का कायाकल्प किया जा चुका है। इन स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं के साथ काशी की सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता दी गई है।
—एयरपोर्ट रोड बनेगा ‘स्पिरिचुअल गेटवे’
बाबतपुर एयरपोर्ट से शहर की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों को ‘स्पिरिचुअल गेटवे’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत 2.35 करोड़ रुपये की लागत से मार्ग पर भव्य महाकाल स्तंभ स्थापित किए जाएंगे, जो काशी की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक बनेंगे और आगंतुकों का स्वागत करेंगे।
—हेरिटेज लाइटिंग से जगमगाएगा काशी का हृदय क्षेत्र
धर्म नगरी काशी का हृदय क्षेत्र मैदागिन चौराहे से गिरजाघर चौराहे तक, गोदौलिया मार्ग होते हुए, 3.98 करोड़ रुपये की लागत से विशेष हेरिटेज लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। दूधिया रोशनी से नहाया यह मार्ग रात के समय काशी की ऐतिहासिक भव्यता और सांस्कृतिक सौंदर्य को नई पहचान देगा। नगर निगम का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद वाराणसी न केवल आधुनिक शहरी सुविधाओं से लैस होगा, बल्कि अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक गरिमा को भी और अधिक प्रभावी ढंग से दुनिया के सामने प्रस्तुत कर सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

