आरएसएस के पूर्व सह प्रांत व्यवस्था प्रमुख बैकुंठ नाथ मिश्र पंचतत्व में विलीन

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आरएसएस के पूर्व सह प्रांत व्यवस्था प्रमुख बैकुंठ नाथ मिश्र पंचतत्व में विलीन


——बैंक में नौकरी के साथ संघ की शाखाओं में सक्रिय रहे, संगठन विस्तार में दिया महत्वपूर्ण योगदान

वाराणसी, 14 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व सह प्रांत व्यवस्था प्रमुख बैकुंठ नाथ मिश्र का मंगलवार शाम निधन हो गया। उनके निधन से संघ और उससे जुड़े संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार रात उनकी अंतिम यात्रा दारानगर स्थित आवास से निकली और मणिकर्णिका घाट पहुंची, जहां उनके बड़े पुत्र तिलक राज मिश्रा ने मुखाग्नि दी। इस प्रकार वे पंचतत्व में विलीन हो गए।

——आजीवन संगठन कार्यों में रहे सक्रिय

आठ सितंबर 1948 को जन्मे बैकुंठ नाथ मिश्र आठ वर्ष की आयु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। उन्होंने शाखा स्तर से अपने संगठनात्मक सफर की शुरुआत की और आगे चलकर महानगर तथा प्रांत में सह व्यवस्था प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। बैंक में नौकरी करते हुए भी वे संघ कार्यों के प्रति समर्पित रहे। प्रभात एवं सायंकालीन शाखाओं में प्रवास कर उन्होंने अनेक अच्छे कार्यकर्ताओं का निर्माण किया और संगठन को मजबूत बनाने में योगदान दिया। बैकुंठ नाथ मिश्र ने संघ से जुड़े अनुषांगिक संगठनों भारतीय मजदूर संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद तथा जन सेवा न्यास ट्रस्ट में उपाध्यक्ष के दायित्व का निर्वहन किया। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संगठन के विस्तार के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। वे सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति, टाउन हॉल के संस्थापक सदस्यों में भी शामिल थे।

——परिवार और शुभचिंतकों ने दी अंतिम विदाई

यूको बैंक में वरिष्ठ शाखा प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त बैकुंठ नाथ मिश्र अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्र, तीन पुत्रवधुओं, तीन पौत्रों और तीन पौत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

उनके निधन पर जन सेवा न्यास, वाराणसी के मंत्री प्रदीप कुमार सहित संघ के अनेक वरिष्ठ स्वयंसेवकों ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने बैकुंठ नाथ मिश्र के निधन को संगठन के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए उनके सामाजिक एवं संगठनात्मक योगदान को याद किया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

Livevns.news Desk
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