वाराणसी के आधा दर्जन जर्जर थानों का होगा कायाकल्प, मिलेगा प्रशासनिक भवन का उपहार

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वाराणसी के आधा दर्जन जर्जर थानों का होगा कायाकल्प, मिलेगा प्रशासनिक भवन का उपहार


—परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 2922.77 लाख रुपये

वाराणसी, 18 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पुराने और जीर्ण—शीर्ण अवस्था में पहुंच गए थानों का कायाकल्प होगा। जिले के ऐसे आधा दर्जन थानों को शीघ्र प्रशासनिक भवनों का उपहार मिलेगा।

जिले के शिवपुर, फूलपुर, लालपुर पांडेयपुर, मिर्जामुराद, राजातालाब और बड़ागांव थानों के लिए नए भवनों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। वाराणसी पुलिस कमिश्नर के अनुसार नये भवनों के निर्माण से न केवल पुलिसकर्मियों को कार्य करने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा, बल्कि आमजन को भी अपनी शिकायतें दर्ज कराने में सुविधा मिलेगी।

इन नए थानों के प्रशासनिक भवनों को 'भूतल और दो मंजिला' (जी प्लस) संरचना के रूप में तैयार कराया जा रहा है। इन भवनों में आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आने वाले आगंतुकों के लिए विशेष विजिटर रूम और सुसज्जित शिकायत कक्ष बनाए जा रहे हैं। इसमें महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भवनों में अलग महिला रेस्ट रूम और महिला हवालात की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इस पूरी परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 2922.77 लाख रुपये तय की गई है। प्रत्येक थाने का निर्माण लगभग 2582.77 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्रफल में किया जा रहा है ताकि सभी विभाग व्यवस्थित रहे। इन भवनों में प्रभारी निरीक्षक कक्ष, सब-इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल कक्ष के साथ-साथ जवानों के रहने के लिए आधुनिक बैरक और स्टाफ रूम भी होंगे। इसके अलावा कम्प्यूटर सर्वर रूम, डायल 112 कक्ष, मीटिंग हॉल, मालखाना और पूछताछ (इंटेरोगेशन) रूम सहित अन्य तकनीकी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेगी।पुलिस कर्मियों के खान-पान और विश्राम के लिए किचन, डाइनिंग हॉल और रिक्रिएशन रूम की भी विशेष व्यवस्था की गई है।

पुलिस कमिश्नर के अनुसार नए भवनों के निर्माण कार्य की समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है और उम्मीद है कि ये सभी थाने अगस्त या सितम्बर तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएंगे। पुलिस विभाग का मानना है कि चूंकि पुलिसकर्मी 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं, इसलिए बेहतर बुनियादी ढांचे से उनका मनोबल और कार्यक्षमता दोनों में वृद्धि होगी। आरामदायक सुविधाएं मिलने से लंबे कार्य घंटों के दौरान उन्हें आवश्यक विश्राम मिल सकेगा, जिससे पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार आएगा। बताते चलें उत्तर प्रदेश में पुलिस बल के आधुनिकीकरण और उन्हें बेहतर बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने पर प्रदेश शासन का भी खासा जोर है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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