संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से निकाली तिरंगा यात्रा,‘भारत माता की जय’ का उद्घोष
-तिरंगा केवल ध्वज नहीं, राष्ट्र के गौरव, एकता और अखंडता का जीवंत प्रतीक है : प्रो दिनेश कुमार गर्ग
वाराणसी, 25 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में राष्ट्रभाव, अनुशासन एवं देशभक्ति की भावना को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई। विश्वविद्यालय के साहित्य संस्कृति संकाय प्रमुख(संकायाध्यक्ष) एवं मुख्य छात्रावास (चीफ वार्डन) प्रो. दिनेश कुमार गर्ग के नेतृत्व में मुख्य भवन से प्रारंभ होकर यह यात्रा लहुराबीर स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा तक निकली। तिरंगा हाथों में लेकर यात्रा में सम्मिलित विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक तथा स्काउट-गाइड के विद्यार्थी पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ शामिल हुए। जुलूस में शामिल विद्यार्थी ‘भारत माता की जय’ का नारा लगा राष्ट्रप्रेम की भावना जगाते रहे।
इस दौरान प्रोफेसर दिनेश कुमार गर्ग ने बताया कि यह तिरंगा यात्रा विद्यार्थियों के लिए केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान, शहीदों के प्रति कृतज्ञता और भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रध्वज नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता, गौरव, एकता और संप्रभुता का प्रतीक है। युवाओं के हाथों में तिरंगा देश के उज्ज्वल भविष्य का विश्वास जगाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध, अनुशासन, त्याग और समर्पण की भावना को प्रबल करना है। चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा तक तिरंगा यात्रा पहुंचाना युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से जोड़ने का जीवंत माध्यम है। उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय केवल ज्ञान और शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रचेतना और संस्कारों का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन तिरंगा यात्रा विश्वविद्यालय से निकाली जा रही है। विश्वविद्यालय के मुख्य भवन से प्रारंभ होकर यह यात्रा लहुराबीर स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा तक जाती है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

