सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का दीक्षान्त समारोह,निबंध लेखन प्रतियोगिता में छात्रों ने की भागीदारी
—'भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था कैसे बना' और 'राज्य सरकार के दो अच्छे कार्य' विषयों पर विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए विचार
वाराणसी, 07 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षान्त समारोह की तैयारियां अन्तिम दौर में है। आगामी 30 जुलाई को होने वाले दीक्षांत समारोह के पूर्व मंगलवार को परिसर के योग साधना केन्द्र में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह निबंध लेखन प्रतियोगिता विद्यार्थियों की वैचारिक प्रतिभा, राष्ट्रीय दृष्टि और रचनात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावशाली मंच बन गई। प्रदेश की राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल के निर्देशानुसार इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों एवं विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की और समसामयिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता में प्रत्येक संबद्ध महाविद्यालय से दो-दो प्रतिभागियों के साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के लिए 'भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था कैसे बना' तथा 'राज्य सरकार के दो अच्छे कार्य' विषय निर्धारित किए गए थे। प्रतिभागियों ने तथ्यों, तर्कों एवं मौलिक चिंतन के आधार पर अपने विचार प्रस्तुत कर समकालीन राष्ट्रीय परिदृश्य की उत्कृष्ट समझ का परिचय दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर विद्या कुमारी चंद्रा ने कहा कि निबंध लेखन केवल भाषा का अभ्यास नहीं, बल्कि विचारों को दिशा देने और व्यक्तित्व को परिष्कृत करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक उत्तरदायित्व, आत्मविश्वास तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल उपाधि प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे जागरूक, संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिक तैयार करना है जो राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुमिता ने किया, जबकि वेद विभाग के डॉ. सत्येन्द्र कुमार यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
—समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि 44वां दीक्षांत समारोह 30 जुलाई, 2026 को पूर्वाह्न 10:00 बजे विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन में में आयोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के इतिहास में यह दीक्षांत समारोह भारतीय सांस्कृतिक चेतना, ज्ञान-विज्ञान, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र निर्माण के समन्वित स्वरूप का सशक्त प्रतीक बनेगा।
समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा मेधावी विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध उपाधियों के साथ स्वर्ण पदक प्रदान करेंगे। समारोह में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय विशिष्ट अतिथि तथा उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी सारस्वत अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। भारत के जाने-माने वैज्ञानिक,भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के इंस्टीट्यूट चेयर प्रोफेसर प्रो. आशुतोष शर्मा बतौर मुख्य अतिथि दीक्षांत भाषण देंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

