बसपा मुखिया के बयान को केंद्रीय ब्राह्मण महासभा ने सराहा, उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया

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वाराणसी, 15 मई (हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मायावती ने समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर दिए गए बयान पर नाराजगी जताई है। और इसको लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को सीधे निशाने पर लिया है। बसपा सुप्रीमो के बयान और तेवर पर केंद्रीय ब्राह्मण महासभा ने खुशी जताई है।

शुक्रवार को केंद्रीय ब्राह्मण महासभा के उपाध्यक्ष एवं बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने बसपा सप्रीमो के बयान का स्वागत कर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया है। अधिवक्ता ने कहा कि किसी भी समाज, वर्ग अथवा जाति के विरुद्ध अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणी भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। ब्राह्मण समाज सदैव राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक समरसता का वाहक रहा है। ऐसे में समाज विशेष के सम्मान की रक्षा हेतु सार्वजनिक रूप से आवाज उठाना एक सकारात्मक एवं जिम्मेदार कदम है।

अधिवक्ता ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, किन्तु सामाजिक सौहार्द, पारस्परिक सम्मान और सभ्य संवाद हर लोकतांत्रिक दल एवं नेता की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी राजनीतिक दल भविष्य में समाज को बांटने वाली भाषा से बचेंगे तथा भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप सभी वर्गों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा करेंगे।

बताते चलें इस प्रकरण में बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि बयानबाजी से ब्राह्मणों के आदर-सम्मान व स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। बसपा सुप्रीमो ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा है कि सपा प्रवक्ता के गैर जिम्मेदाराना बयान को गंभीरता से लेते हुए सपा मुखिया को इसका तत्काल संज्ञान लेकर ब्राह्मण समाज से क्षमा याचना व पश्चाताप करना चाहिए। सपा प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर की गई अभद्र, अशोभनीय व आपत्तिजनक टिप्पणी से आक्रोश व उसकी तीव्र निन्दा स्वाभाविक है। उन्होंने लिखा कि इससे यह भी साबित होता है कि सपा का दलितों, अति-पिछड़ों व मुस्लिम समाज आदि की तरह ब्राह्मण को लेकर जातिवादी चरित्र नहीं बदला है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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