काशी हुई कान्हामय, चहुंओर गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’

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काशी हुई कान्हामय, चहुंओर गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’


—जन्माष्टमी पर मंदिरों, पुलिस लाइन और थानों में सजीं भव्य झांकियां, भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल

वाराणसी, 04 सितंबर (हि.स.)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी पूरी तरह कान्हामय हो उठी। शहर के मंदिरों से लेकर घर-आंगन, पुलिस लाइन, थानों और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों तक भगवान श्रीकृष्ण की भव्य झांकियां सजाई गईं। भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच श्रद्धालुओं में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही शंख, घंट-घड़ियाल और जयकारों से काशी की फिजाएं गूंज उठेंगी।

ज्योतिषविद आचार्य रविंद्र तिवारी के अनुसार, इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर करीब 59 साल बाद विशेष ग्रह-नक्षत्र संयोग बना है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इस दौरान सूर्य सिंह, चंद्रमा वृषभ, बुध सिंह, बृहस्पति कर्क और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। ऐसे शुभ संयोग में मध्यरात्रि 12 बजे रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का प्रतीकात्मक जन्म होगा।

जन्म के समय मंदिरों और घरों में शंखनाद, घंटियों और घंट-घड़ियाल की मंगलध्वनि के बीच ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंजेंगे। श्रद्धालु ‘भये प्रगट कृपाला, दीनदयाला...’ और ‘आरती कुंज बिहारी की...’ जैसे भजनों के साथ भगवान का जन्मोत्सव मनाएंगे। कई घरों में पारंपरिक सोहर गीत भी गूंजेंगे।

—मंदिरों में विशेष आयोजन

दुर्गाकुंड स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर रात 11 से 12 बजे के बीच कलश महाभिषेक होगा। इसके बाद मध्यरात्रि 12 से 12:30 बजे तक भोगार्पण और महाआरती का आयोजन किया जाएगा। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसायटी के तत्वावधान में माहेश्वरी भवन में रात 11 बजे महाभिषेक और महाआरती होगी।

शंकुलधारा पोखरा स्थित द्वारिकाधीश मंदिर में भोर चार बजे भगवान के श्रीविग्रह का शहद से स्नान कराया गया। इसके बाद दूध और घृत स्नान कराया गया तथा बालभोग अर्पित किया गया। राधागोविंद मंदिर, चौक में पूर्वाह्न 11:30 बजे राधारमण भगवान का शहद से स्नान कराकर जन्माष्टमी उत्सव मनाया गया। श्री सत्यनारायण मंदिर, बांसफाटक में मध्यरात्रि 12 बजे ठाकुरजी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा और आरती उतारी जाएगी। वहीं श्री सनातन गौड़ीय मठ, सोनारपुरा में भी रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव आयोजित होगा।

—पुलिस लाइन और थानों में भी सजीं झांकियां

जन्माष्टमी के अवसर पर पुलिस लाइन और जनपद के विभिन्न थानों में भी आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं। इन झांकियों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनकी बाल लीलाओं तक को दर्शाया गया है। झांकियां देखने के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शाम से ही शुरू हो गया। भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।

—ठठेरी बाजार में कान्हा के स्वरूपों की खूब हुई बिक्री

जन्माष्टमी को लेकर ठठेरी बाजार की गलियों में भी पूरे दिन रौनक रही। घरों और मंदिरों में झांकियां सजाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों और सजावटी सामग्री की जमकर खरीदारी हुई। बाजार में मथुरा की जेल, सोते हुए पहरेदार, गोप-गोपियां, संतरी, कंस, अघासुर, बकासुर और पूतना समेत झांकियों में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न पात्रों की मूर्तियां और सजावटी सामान उपलब्ध रहे। इसके अलावा पगड़ी, मुकुट, पायल, बांसुरी और कान्हा के लिए महाराजा झूले की भी खूब बिक्री हुई। झांकियों को आकर्षक बनाने के लिए अशोक की पत्तियां, गेंदे के फूल, फूलों की मालाएं, करौंदा, बुरादा और खीरा समेत अन्य पूजन व सजावटी सामग्री की भी लोगों ने जमकर खरीदारी की। जन्माष्टमी के चलते बाजारों और मंदिरों के आसपास शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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