ऐसी कौन सी जांच है, जिसमें शिकायतकर्ता पुलिस के साथ रहता है : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

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ऐसी कौन सी जांच है, जिसमें शिकायतकर्ता पुलिस के साथ रहता है : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद


—बाल यौन शोषण के आरोपों को साजिश बताया,बोले—मठ में कोई स्विमिंग पूल नहीं

वाराणसी, 25 फरवरी (हि.स.)। बाल यौन शोषण के आरोपों से घिरे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बुधवार को अपने उपर लगे आरोपों को नकार दिया। उन्होंने कहा कि एक-डेढ़ महीने से कहा जा रहा है कि और भी छात्रों का यौन शोषण हुआ है। अगर ऐसा है, तो बाकी लोगों को क्यों बचाकर रखा गया है? । अगर किसी के साथ अन्याय हुआ है और सिर्फ दो लोगों से मुकदमा दर्ज कराया गया है, तो इससे पता चलता है कि इसके पीछे साजिश है।

शंकराचार्य केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ में मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने पूरे प्रकरण को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि एक पत्रकार नें उन्हें बताया कि एक ऐसा व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है जो उनके खिलाफ शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने बनाया है। उस ग्रुप में इस मुकदमे से सम्बंधित सभी जानकारियां साझा की जा रही हैं।

शंकराचार्य ने सवाल किया कि ऐसी कौन सी जांच है, जिसमें शिकायतकर्ता पुलिस के साथ रहता है। इसका मतलब है कि जैसे ये पुलिस के प्रवक्ता हों।

शंकराचार्य ने इस व्हाट्सएप का एक स्क्रीनशॉट शेयर कर आरोप लगाया कि इस केस के विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन में शिकायत कर्ता आशुतोष ब्रम्हचारी तीन दिन तक विवेचना टीम के साथ थे। खास यह है कि मुझे उस व्हाट्सएप ग्रुप में फर्जी शंकराचार्य बताया गया है। शिकायत कर्ता आशुतोष ब्रम्हचारी का दावा मेडिकल में यौन शोषण की पुष्टि से जुड़े सवाल पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि बच्चा हमारे पास आया ही नहीं तो कैसे हो सकता है। हमारे अधिवक्ताओं ने सारे प्रमाण दिखा दिए कि वो बच्चे उसी के पास थे, हमारे पास नहीं थे। इसका साफ मतलब है कि अगर बच्चों के साथ कुछ हुआ है तो बच्चे जिसके साथ थे, उसी ने किया होगा। शिकायतकर्ता खुद जांच के घेरे में अपने आप आ जाएगा। इसको ये बताना पड़ेगा कि इन बच्चों का हमसे संपर्क कहां हुआ। जब बच्चे हमारे पास आए ही नहीं तो कैसे हम कुकर्म कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आशुतोष ने हमारे ऊपर फर्जी मुकदमा करवाया है, जैसे ही वह झूठा होगा उनके ऊपर मुकदमा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में केस फाइल हो गई है उसकी कभी भी सुनवाई हो सकती है। इसके बावजूद वे पुलिस के जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

श्री विद्यामठ में स्विमिंग पूल को लेकर पूछे गए सवाल पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मठ में किसी तरह का रहस्य नहीं है। यह सभी के लिए खुला हुआ है । मठ में कोई शीश महल भी नहीं है। ब्रम्हलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती यहां रहते थे । उनके बीमार होने पर डॉक्टर नें उन्हें पानी में खड़ा होने और उसमें चलने के लिए सलाह दी थी। उनके लिए एक छोटा सा कुंड का निर्माण किया गया था, लेकिन यह सिर्फ उसी समय के लिए था, उसके बाद उसका कोई उपयोग नहीं हुआ। अपने परिवार को लाभ पहुंचाने के सवाल पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया है कि हम सन्यासी हैं और हम अपने परिवार को त्याग चुके हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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