वाराणसी : सावन माह में अभेद किलेबंदी, 05 जोन व 15 सेक्टर में विभाजित होगा शहर

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वाराणसी : सावन माह में अभेद किलेबंदी, 05 जोन व 15 सेक्टर में विभाजित होगा शहर


—पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी ने देर शाम कावड़ मार्ग का किया निरीक्षण

वाराणसी, 23 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में इस बार पवित्र सावन माह में कावड़ मार्गो और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर जाने वाले मार्गो पर सुरक्षा की अभेद किलेबंदी रहेगी। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे शहर को 05 जोन व 15 सेक्टर में विभाजित किया जायगा। गुरूवार शाम बारिश के बीच पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल व जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार ने कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों और कांवड़ यात्रियों की सुविधा एवं निर्बाध यातायात के लिए पैदल भ्रमण कर व्यवस्था को परखा। इस दौरान अफसरों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्थाओं को लेकर कार्ययोजना का खाका भी तैयार किया। सावन माह में 05 आईपीएस, 50 राजपत्रित अधिकारियों सहित लगभग 5000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

पुलिस कमिश्नर के अनुसार श्रावण सोमवार एवं शिवरात्रि पर अत्यधिक भीड़ के दृष्टिगत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित प्रमुख मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन हेतु प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।

—बैरिकेडिंग एवं खोया-पाया केंद्रों की होगी व्यवस्था

सीपी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा एवं भीड़ के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक स्थानों पर सुव्यवस्थित बैरिकेडिंग तथा खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे बिछड़े श्रद्धालुओं को शीघ्र सहायता एवं परिजनों से मिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित हो।

—सादे वस्त्रों में तैनात रहेगी पुलिस, संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर

भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, मंदिर मार्गों एवं प्रमुख स्थानों पर सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जो असामाजिक एवं संदिग्ध तत्वों की गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। सीसीटीवी और त्रिनेत्र से पूरे शहर की हाईटेक निगरानी होगी। उन्होंने बताया कि वाराणसी शहर का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित है। श्रावण मास में त्रिनेत्र प्रणाली के माध्यम से प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

—मंदिर एवं रेलवे स्टेशन पर कंट्रोल रूम से होगी सतत मॉनिटरिंग

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र की निगरानी स्थापित कंट्रोल रूम से की जाएगी। रेलवे स्टेशन पर भी सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित कर श्रद्धालुओं की आवाजाही एवं संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाएगी।

—गंगा घाटों पर जल सुरक्षा के होंगे व्यापक एवं पुख्ता इंतजाम

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रमुख गंगा घाटों पर बाढ़ राहत पुलिस, स्थानीय जल पुलिस एवं पीएसी के जवान तैनात रहेंगे। आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित निजी गोताखोरों की तैनाती कर त्वरित बचाव व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालु गहरे पानी में न जाएं, इसके लिए घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग की व्यवस्था रहेगी। जल पुलिस एवं सुरक्षा कर्मी लगातार सतर्क रहकर सुरक्षित स्नान सुनिश्चित कराएंगे।

—प्रयागराज से मोहनसराय तक कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगी लेन

कांवड़ यात्रियों के सुगम एवं सुरक्षित आवागमन हेतु प्रयागराज से मोहनसराय तक एक लेन आरक्षित रखी जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में असुविधा न हो और कांवड़ यात्रा निर्बाध रूप से संचालित हो।

—कांवड़ मार्ग पर पुलिस बूथ, विश्राम स्थल एवं चिकित्सा सुविधा

कांवड़ यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर अस्थायी पुलिस बूथ स्थापित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विश्राम स्थलों एवं चिकित्सा सहायता की व्यवस्था कर किसी भी आवश्यकता पर तत्काल सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा एवं त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक 04 किलोमीटर पर पीआरवी अथवा फैंटम दस्ता मुस्तैद रहेगा, जिससे किसी भी सूचना अथवा आपात स्थिति पर तत्काल पुलिस रिस्पॉन्स सुनिश्चित हो।

—निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगा डीजे का संचालन

श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे का संचालन न्यायालय द्वारा निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप होगा। डीजे की ऊंचाई एवं स्वरूप ऐसा नहीं होगा, जिससे दुर्घटना अथवा सुरक्षा संबंधी जोखिम उत्पन्न हो।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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