वाराणसी में गूंजेगा संत रविदास का समरसता संदेश, 600 बसें और 500 छोटे वाहन श्रद्धालुओं की सेवा में रहेंगे
—संत रविदास जयंती वर्ष समारोह को भव्य बनाने की तैयारी, वाराणसी में संत-महात्माओं के लिए आवास, परिवहन और विशेष व्यवस्थाएं
वाराणसी, 27 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी एक बार फिर ऐतिहासिक अवसर की साक्षी बनने जा रही है। संत शिरोमणि सद्गुरु श्री रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम श्रृंखला का शुभारंभ 29 जुलाई को उनकी जन्मस्थली सीरगोवर्द्धनपुर से होगा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित यह समारोह संत रविदास के समरसता, समानता और लोककल्याण के संदेश को देशभर में प्रसारित करने का माध्यम बनेगा। राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई मंत्री, संत-महात्मा तथा देशभर से आए विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।
—कलश यात्रा और शुभारंभ समारोह होंगे मुख्य आकर्षण
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, दो दिवसीय कार्यक्रमों की शुरुआत 28 जुलाई को मिट्टी कलश पूजन और कलश यात्रा से होगी। इसके बाद 29 जुलाई को गुरु रविदास मंदिर से कार्यक्रम स्थल तक भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। संत रविदास जन्मस्थली स्मारक, सीरगोवर्द्धन में आयोजित होने वाले 650वीं जयंती वर्ष शुभारंभ समारोह में देशभर से आए संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल होंगे। शाम को संत रविदास घाट स्थित वीडीए पार्क में भव्य दीपोत्सव का आयोजन भी किया जाएगा, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
—700 से अधिक संत-महात्मा और विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल
इस भव्य आयोजन में प्रदेश और देशभर से लगभग 700 से 800 संत-महात्माओं तथा विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी और कमलेश पासवान, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति प्रस्तावित है। इससे कार्यक्रम की राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान स्थापित होने की उम्मीद है।
—संत-महात्माओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं
समारोह को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम में देशभर से आने वाले संत-महात्माओं के लिए दो दिनों की आवास एवं खान-पान व्यवस्था की गई है। वहीं, प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 600 बसों तथा वाराणसी जनपद के प्रतिभागियों के लिए 400 बसों की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अलावा स्थानीय आवागमन के लिए 500 ऑटो एवं छोटे वाहनों की व्यवस्था की जा रही है। कलश यात्रा के लिए 131 विशेष कलशों की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में आने वाले संत-महात्माओं को 500 विशेष किट बैग वितरित किए जाएंगे, जबकि दीपोत्सव और भोजन प्रसाद की भी विशेष व्यवस्था की गई है।
—सांस्कृतिक गतिविधियों और प्रदर्शनी का भी होगा आयोजन
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार द्वारा दुर्लभ पांडुलिपियों की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे युवा पीढ़ी संत रविदास जी के विचारों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके।
——संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, संत रविदास की सर्वसमावेशी परिकल्पना छोट-बड़ो सब सम बसै और मिले सबन को अन्न को साकार करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा इस जयंती वर्ष को विशेष रूप से मनाया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और संत परंपरा के गौरवशाली संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

