वाराणसी में चुनावी बूथों के स्थानांतरण पर सपा का ऐतराज, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

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वाराणसी में चुनावी बूथों के स्थानांतरण पर सपा का ऐतराज, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन


वाराणसी, 10 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में विभिन्न मतदान केन्द्रों को उनके पूर्व निर्धारित स्थानों से हटाकर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता मुखर हैं। शुक्रवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव एवं वाराणसी शहर दक्षिणी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी किशन दीक्षित के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार से उनके कार्यालय में मिला और उन्हें ज्ञापन साैंपा।

सपा प्रतिनिधि मंडल में शामिल सदस्यों ने जिलाधिकारी से विधानसभा चुनाव (2027)के पूर्व चुनावी प्रक्रिया के दौरान शहर के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के मतदान केंद्रों को दूर-दराज स्थानों पर स्थानांतरित किए जाने की शिकायत की। किशन दीक्षित ने कहा कि मतदान केंद्रों को अचानक दूर स्थानांतरित करने से मतदाताओं को भारी असुविधा होगी। इससे कई जगह विवाद की स्थिति उत्पन्न होगी।

उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांग किया कि मतदान बूथों को पुरानी जगह पर ही बनाए रखा जाए। सपा प्रतिनिधि मंडल ने स्पष्ट किया कि यदि कोई मतदान स्थल जर्जर हालत में है तो उसे तुरंत मरम्मत कराया जाए। यदि मरम्मत संभव नहीं है और बूथ स्थानांतरित करना अनिवार्य है, तो उसे नजदीक ही किसी उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट किया जाए, ताकि मतदाताओं को सुविधा बनी रहे और कोई विवाद न खड़ा हो। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सपा प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि ऐसे सभी मतदान केंद्रों को चिन्हित कर समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।

प्रतिनिधि मंडल में पार्टी की वरिष्ठ नेत्री रीबू श्रीवास्तव, योगेंद्र यादव, राजू यादव आदि शामिल रहे। इसके पहले कांग्रेस के वाराणसी महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधि मंडल उप जिलानिर्वाचन् एडीएम प्रशासन पंकज कुमार को इस विषय को लेकर ज्ञापन सौंप चुका है। महानगर अध्यक्ष के मतदान केन्द्रों का निर्धारण केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। वर्षों से संचालित मतदान केन्द्रों को बिना किसी ठोस, न्यायसंगत एवं सार्वजनिक कारण के स्थानांतरित करने से आम मतदाताओं को भारी असुविधा होगी तथा इससे मतदान प्रतिशत भी प्रभावित हो सकता है।

ज्ञापन में मांग की गई कि सभी पूर्व निर्धारित मतदान केन्द्रों को यथावत बनाए रखा जाए। यदि किसी मतदान केन्द्र का स्थानांतरण अपरिहार्य हो तो उसका स्पष्ट एवं लिखित कारण सार्वजनिक किया जाए तथा संबंधित क्षेत्र के नागरिकों एवं सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से आपत्तियां एवं सुझाव प्राप्त करने के उपरांत ही अंतिम निर्णय लिया जाए।

उल्लेखनीय है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के बाद वाराणसी जनपद में सभी आठ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में चार लाख से अधिक मतदाता कम हो गए हैं। इसके परिणामस्वरूप मतदेय स्थलों के संभाजन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। मतदेय स्थलों के प्रकाशन के बाद अब 180 मतदेय स्थल भी कम हो गए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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