सनातनी नववर्ष और आरएसएस के शताब्दी वर्ष में वाराणसी में चहुंओर पथ संचलन

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सनातनी नववर्ष और आरएसएस के शताब्दी वर्ष में वाराणसी में चहुंओर पथ संचलन


सनातनी नववर्ष और आरएसएस के शताब्दी वर्ष में वाराणसी में चहुंओर पथ संचलन


—शहर की सड़कें स्वयंसेवकों के कदमताल से संघमय, गूंजता रहा भारत माता की जय का उद्घोष

वाराणसी, 22 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष में सनातनी नववर्ष के प्रथम उत्सव प्रतिपदा के अवसर पर रविवार को धर्म नगरी वाराणसी में स्वयंसेवकों ने तीन जगहों से पूर्ण गणवेश में पूरे अनुशासन के साथ पथ संचलन का आयोजन किया। काशी महानगर के तीनों भाग में एक साथ पथ संचलन से सड़कों पर स्वयंसेवकों के कदमताल से संघमय नजारा दिखा। इस दौरान स्वयंसेवकों पर पुष्पवर्षा कर नागरिक व अन्य सामाजिक संगठन राष्ट्रभक्ति का वातावरण बनाते दिखे।

—स्वयंसेवक को इंजन की भांति समाज को साथ लेकर आगे चलना होगा: युद्धवीर

काशी दक्षिण भाग के दुर्गाकुण्ड स्थित धर्मसंघ शिक्षा मण्डल के सभागार में पथ संचलन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र सेवा प्रमुख युद्धवीर ने कहा कि शाखा पद्धति प्रत्येक प्रकार से प्रमाणित है। स्वयंसेवक को शाखा पर अटूट विश्वास होता है। संघ की यह अभिनव पद्धति स्वयंसेवकों में साहस एवं आत्मविश्वास का निर्माण करती है। वर्ष प्रतिपदा के दिन संघ के आद्य सरसंघचालक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार का जन्मदिवस है। उनके जीवन के प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख करते हुए वक्ता ने बताया कि संघ को जानने के लिए डॉ साहब का जीवन बार—बार पढ़ना चाहिए। व्यक्ति में संस्कार उत्पन्न करने के लिए आवश्यक है कि महापुरुषों के जीवन को देख कर सीख लेनी चाहिए।

उन्होंने स्वयंसेवकों के उद्देश्य को इंगित करते हुए कहा कि स्वयंसेवक इंजन का कार्य करने वाला है। उसे आगे बढ़कर समग्र समाज को साथ लेकर चलना होगा। अपने कार्य विभाग की जिम्मेदारी पूरी करना आवश्यक है। कार्यक्रम में विभाग संघ चालक जयप्रकाश लाल, भाग संघचालक अरुण मंचासीन रहे। कार्यक्रम के अंत में पूर्ण गणवेश में दण्डधारी स्वयंसेवकों ने घोष के धुन पर कदमताल करते हुए पथ संचलन किया। संचलन धर्म संघ शिक्षा मंडल से निकलकर आईपी विजया चौराहा होते हुए शिवाला भदैनी, अस्सी मार्ग से लंका पहुंचकर पुनः संकट मोचन दुर्गाकुंड होते हुए कार्यक्रम स्थल पर विराम लिया। इसमें काशी प्रांत के सह प्रांत कार्यवाह डॉ राकेश तिवारी, सह प्रांत प्रचारक सुनील , प्रांत कुटुंब प्रबोधन संयोजक शुकदेव , विभाग प्रचारक नितिन आदि ने भी भागीदारी की।

——काशी उत्तर भाग : संघ का कार्य व्यक्ति निर्माण: चंद्रमोहन

काशी उत्तर भाग द्वारा भोजूबीर स्थित विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी के महावीर मंदिर परिसर में आयोजित वर्ष प्रतिपदा उत्सव पर पथ संचलन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र ग्राम्य विकास प्रमुख चंद्रमोहन ने कहा कि संघ का कार्य व्यक्ति निर्माण है। व्यक्ति निर्माण से व्यवस्था परिवर्तन होता है और व्यवस्था परिवर्तन से समाज परिवर्तन। उन्होंने कहा कि संघ की कार्य पद्धति के दो हिस्से हैं। प्रथम बिन्दु नित्य कार्य है, जिसका केंद्र बिंदु दैनिक शाखा है। कार्यक्रम में काशी विभाग के सह विभाग कार्यवाह डॉ. आशीष, काशी उत्तर भाग कार्यवाह जितेंद्र, सह भाग कार्यवाह राजीव आदि ने भाग लिया।

——काशी मध्य भाग में पथ संचलन से जगा राष्ट्रभक्ति का भाव

काशी मध्य भाग के सम्पूर्णांनन्द संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर स्थित खेल मैदान से पथ संचलन का आयोजन किया गया। संचलन में अनुशासन और एकता का विहंगम स्वरूप देखने को मिला। संघ का प्रतीक भगवाध्वज संचलन के आगे चल रहा था। स्वयंसेवकों द्वारा किया जा रहा घोष वादन आकर्षण का केन्द्र रहा। संचलन विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से निकलकर जगतगंज, लहुराबीर चौराहा, मलदहिया चौराहा होते हुए पुन: तेलियाबाग चौराहे से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा। आयोजन में मुख्य रूप से भाग संघचालक डॉ हेमन्त , विभाग कार्यवाह राजेश , भाग कार्यवाह सुरेन्द्र आदि ने भागीदारी की।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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