लोक अदालत के जरिए समय गवायें बिना गंभीर से गंभीर मामलों का हाे रहा निस्तारण : जिला जज

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लोक अदालत के जरिए समय गवायें बिना गंभीर से गंभीर मामलों का हाे रहा निस्तारण : जिला जज


—राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय से 33807 वादों का निस्तारण

वाराणसी, 09 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शनिवार को चालू वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ दीवानी न्यायालय परिसर में जनपद न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जिला जज ने कहा कि लोक अदालत भारत के संबंध में कोई नया विषय नहीं है। लोग आदिकाल से ही पंचायत व्यवस्था या इससे पूर्व की व्यवस्थाओं में, आपसी बातचीत व परस्पर सामंजस्य से समझौते तक पहुंचते का प्रयास करते रहें हैं।

जिला जज संजीव शुक्ला ने कहा कि लोक अदालत एक ऐसा माध्यम बनकर उभरा है, जिससे हम अपना समय गवायें बिना गंभीर से गंभीर मामलों में निस्तारण तक पहुंच सकते हैं। पारिवारिक मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि परिवार समाज की इकाई है, ऐसी स्थिति में न्यायालय की भूमिका पारिवारिक समरसता बनाने के परिप्रेक्ष्य में बहुत महत्वपूर्ण है।

जिला जज ने कहा कि न्यायालय का कार्य वास्तव में परिवारों को जोड़ना है न कि तोड़ना है। राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय से कुल 33807 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें कुल मिलाकर 2,96,86,619.81 मात्र धनराशि की वसूली की गयी तथा प्रशासन एवं अन्य विभागों द्वारा कुल 438354 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 17,52,54,475.00 रुपये मात्र की धनराशि की वसूली के लिए समझौता हुआ। न्यायालय तथा प्रशासन के सभी विभागों से कुल मिलाकर 4,72,161 वादों का निस्तारण हुआ जिसमें कुल 20,49,41,094.81 रुपये मात्र का वसूली किया गया। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय- अनिरूद्ध कुमार तिवारी, पीठासीन अधिकारी, मोटर दावा एवं दावा अधिकरण-रामकेश, बनारस बार के अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला व सेन्ट्रल बार के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम एवं अपर जिला जज/राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी (न्यायिक)-आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी/राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी (प्रशासनिक )अजीत कुमार, यूनियन बैंक के एलडीएम-अविनाश अग्रवाल व राजीव मुकुल पाण्डेय सहित अन्य अफसर भी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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