श्रीकृष्ण जन्मभूमि से आयेगा काशी विश्वनाथ धाम में गुलाल, रंगभरी एकादशी पर बाबा को होगा अर्पित

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श्रीकृष्ण जन्मभूमि से आयेगा काशी विश्वनाथ धाम में गुलाल, रंगभरी एकादशी पर बाबा को होगा अर्पित


-बाबा विश्वनाथ धाम में ब्रज की होली के दर्शन, शिव-शक्ति और राधाकृष्ण के होली का दिखेगा नजारा

वाराणसी, 22 फरवरी (हि.स.)। श्री काशी विश्वनाथ के गौना उत्सव रंगभरी एकादशी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा दरबार से आया गुलाल बाबा को अर्पित होगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी रंगभरी एकादशी व होली महोत्सव के लिए काशी विश्वनाथ धाम वाराणसी गुलाल यात्रा आयेगी। रविवार को यह जानकारी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने दी।

बताया गया कि इस वर्ष भी रंगभरी एकादशी 27 फरवरी को श्रीकृष्ण जन्मभूमि एवं कृष्ण भक्तों की ओर से वृहद मात्रा में प्रसाद, गुजिया, गुलाल, नील गुलाल, फल-पुष्प काशी विश्वनाथ धाम भेजे जायेंगे। इस वर्ष होली के गायन, वादन और होली नृत्य के लिए ब्रजवासी कलाकार भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि से काशी विश्वनाथ धाम आएंगे। काशी (शिव) और मथुरा (कृष्ण) की होली में आध्यात्मिक एकात्मकता है, जो रंग भरी एकादशी पर काशी विश्वनाथ धाम में ब्रज की होली के रूप में प्रकट होगी। यहाँ शिव-शक्ति और राधाकृष्ण के होली के रूप में पुष्प-रंग-गुलाल उत्सव से बाबा विश्वनाथ के धाम में अनूठे आनन्द की वर्षा होगी।

श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा के अनुसार श्रीकृष्ण जन्मभूमि और श्री काशी विश्वनाथ धाम दोनों ही स्थानों पर परंपरागत रूप से रंगभरी एकादशी को होली का मुख्य महोत्सव मनाया जाता है। श्री कृष्ण जन्मभूमि की परंपरागत रंगारंग लठामार होली, पुष्प होली एवं गुलाल होली करोड़ों-करोड़ कृष्ण-भक्तों के आकर्षक का केन्द्र है। वहीं, नील—गुलाल, पुष्प और भस्म की होली काशी विश्वनाथ धाम में शिव भक्तों को आनन्दित करती है। गत वर्ष बाबा विश्वनाथ धाम में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से बाबा विश्वनाथ की होली के लिए भव्य आयोजन के मध्य भेजा गया प्रसाद, गुलाल, पुष्प प्रमुखता से बाबा विश्वनाथ की होली में सम्मलित हुआ था। यह पहली बार है कि ब्रज के ग्वाल-गोपी काशी विश्वनाथ धाम के प्रांगण में ब्रज की पुष्प होली, गुलाल होली से बाबा के धाम को आनन्दित करेंगे। श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास एवं काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के प्रयासों से इस प्रकार के नवीन आयोजन करोड़ों-करोड़ सनातन धर्मावलम्बियों को आनन्दित करेंगे।

उन्होंने बताया कि सवा मन गुजिया प्रसाद, गुलाल, नील गुलाल, फल, पुष्प श्रीकृष्ण जन्मभूमि से दिव्य शोभायात्रा के माध्यम से काशी विश्वनाथ धाम को भेजी जायेगी। 26 फरवरी को पूर्वांह दस बजे ठाकुर श्री केशवदेव जी विराजमान श्री कृष्ण जन्मभूमि से गुलाल यात्रा हरिनाम संकीर्तन एवं मंगल ध्वनि के मध्य प्रांगण में भ्रमण कर सुसज्जित वाहन से काशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी रवाना होगी। रंगभरी एकादशी के दिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि से यात्रा में सम्मलित पूजाचार्य, भक्तजन एवं रसिक कलाकार काशी विश्वनाथ धाम में बाबा को प्रसाद एवं गुलाल अर्पित करने के उपरान्त, ब्रज के फाग का धमाल बाबा विश्वनाथ के धाम में मचाकर भक्तों को अलौकिक आनन्द की अनुभूति करायेंगे। संस्थान का प्रयास है कि भारतवर्ष के प्रमुख मंदिरों एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मध्य धार्मिक आयोजनों में सहभागिता रहे एवं इसके लिए प्रयास किये जा रहे हैं। इस प्रकार के आयोजनों में सनातनी गौरव में एकता के दर्शन होंगे। संस्थान ने काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ विश्वभूषण से मथुरा-काशी के मध्य रचनात्मक आध्यात्मिक नवाचार के लिए आभार प्रकट किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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