वाराणसी: संपादक एवं साहित्यकार सुभाष राय को मिलेगा प्रो. शुकदेव सिंह स्मृति सम्मान

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वाराणसी, 23 जुलाई (हि.स.)। कबीर विवेक परिवार की ओर से प्रदान किया जाने वाला प्रतिष्ठित प्रो. शुकदेव सिंह स्मृति सम्मान-2026 इस वर्ष वरिष्ठ कवि, साहित्यकार एवं संपादक सुभाष राय को प्रदान किया जाएगा। यह निर्णय हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार प्रो. काशीनाथ सिंह, कवि-आलोचक अशोक वाजपेयी तथा कवि-आलोचक प्रो. आशीष त्रिपाठी की निर्णायक समिति ने सर्वसम्मति से लिया।

कबीर विवेक परिवार की प्रमुख डॉ. भगवंती सिंह ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राचीन एवं मध्यकालीन साहित्य के अध्ययन में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाने वाला यह सम्मान सुभाष राय को उनकी दो चर्चित कृतियों 'दिगम्बर विद्रोहिणी अक्क महादेवी' और 'आत्मसंभवा आंडाल' के लिए प्रदान किया जा रहा है। भक्ति, कवयित्रियों के जीवन, काव्य और वैचारिक प्रतिरोध पर केंद्रित ये दोनों पुस्तकें रज़ा न्यास की अध्येतावृत्ति के अंतर्गत लिखी गई हैं तथा सेतु प्रकाशन, नई दिल्ली से प्रकाशित हुई हैं।

निर्णायक मंडल ने अपनी संस्तुति में कहा कि आंडाल और अक्क महादेवी भारतीय भक्ति काव्य परंपरा में जनतांत्रिक चेतना की महत्वपूर्ण प्रतिनिधि कवयित्रियाँ हैं। सुभाष राय ने अपनी इन दोनों पुस्तकों में उनके आंतरिक जीवन, आध्यात्मिक अनुभव और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रतिरोध को गहन संवेदनशीलता एवं शोधपरक दृष्टि के साथ प्रस्तुत किया है।

सम्मान समारोह के संयोजक एवं काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू)के हिंदी विभाग के प्रोफेसर मनोज कुमार सिंह ने बताया कि संत साहित्य के विख्यात अध्येता प्रो. शुकदेव सिंह की स्मृति में प्रतिवर्ष दिया जाने वाला यह सम्मान इस वर्ष भी उनकी जयंती 24 जुलाई को वाराणसी में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गाजीपुर में जन्मे प्रो. शुकदेव सिंह काशी हिंदू विश्वविद्यालय में हिंदी के प्राध्यापक रहे और संत साहित्य के क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने संत साहित्य पर अनेक शोधपरक ग्रंथों का लेखन एवं संपादन किया, जो आज भी शोधार्थियों और अध्येताओं के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री माने जाते हैं।

इस वर्ष सम्मानित होने वाले सुभाष राय का जन्म उत्तर प्रदेश के बड़ागांव (जनपद मऊ) में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा गांव में प्राप्त करने के बाद उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध के.एम.आई. से हिंदी भाषा एवं साहित्य में स्नातकोत्तर प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। इसके बाद उन्होंने विधि की शिक्षा प्राप्त की तथा संत कवि दादूदयाल के रचना-संसार पर शोधकार्य पूरा किया।

सुभाष राय लंबे समय तक पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं। उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्रों में शीर्ष संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं और वर्तमान में लखनऊ से प्रकाशित एक समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनकी दो कविता-संग्रह 'सलीब पर सच' और 'मूर्तियों के जंगल में', निबंध-संग्रह 'जाग मछन्दर जाग' तथा संस्मरण एवं आलोचनात्मक लेखों का संकलन 'अंधेरे के पार' प्रकाशित हो चुके हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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