श्रेया उपाध्याय हत्याकांड : मुख्य आरोपित विवेक चौबे मुठभेड़ में गिरफ्तार, लंबे समय से चल रहा था फरार

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श्रेया उपाध्याय हत्याकांड : मुख्य आरोपित विवेक चौबे मुठभेड़ में गिरफ्तार, लंबे समय से चल रहा था फरार


—राजातालाब के जगदेवपुर में साेमवार तड़के हुई मुठभेड़, दाहिने पैर में लगी गोली

वाराणसी, 07 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी जनपद के रोहनिया थाना क्षेत्र के बच्छांव में एमएससी की छात्रा श्रेया उपाध्याय की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपित विवेक चौबे उर्फ निखिल को पुलिस ने सोमवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। राजातालाब थाना क्षेत्र के जगदेवपुर के पास हुई मुठभेड़ में आरोपित के दाहिने पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में लेकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जक्खिनी भेजा।

डीसीपी गोमती जोन कार्यालय के अनुसार, श्रेया हत्याकांड के मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के लिए राजातालाब थाने की पुलिस टीम लगातार तलाश और दबिश दे रही थी। सोमवार तड़के पुलिस टीम इलाके में संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि हत्याकांड में शामिल विवेक चौबे जगदेवपुर की ओर आने वाला है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का संकेत दिया, लेकिन वह पैदल भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा किया तो आरोपित ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसके पास से देशी तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

शादी कहीं और तय होने से नाराज था आरोपी

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में विवेक ने श्रेया की हत्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस का कहना है कि श्रेया की शादी कहीं और तय होने से वह नाराज था। इसी कारण उसने अपने साथी पुनीत मिश्रा के साथ मिलकर बच्छांव स्थित अपने किराये के कमरे में श्रेया की हत्या की। इस मामले में पुलिस पुनीत मिश्रा को पहले ही मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर चुकी है। 24 अगस्त को हुई कार्रवाई में पुनीत के पैर में गोली लगी थी। पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित साजिश से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद 27 अगस्त को विवेक के पिता रामसहाय चौबे को भी गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस जांच में सामने आई ब्लैकमेलिंग की बात

पुलिस की जांच के अनुसार, चोलापुर थाना क्षेत्र के नियारडीह निवासी विवेक चौबे श्रेया का दूर का रिश्तेदार था और लंबे समय से उस पर नजर रख रहा था। वह एक ग्रामीण बैंक में कार्यरत था और फील्ड वर्क के सिलसिले में बच्छांव में किराये के कमरे में रहता था। छात्रा के परिजनों का भी आरोप है कि विवेक ने श्रेया को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए किया। आरोप है कि उसने श्रेया की शादी की ड्रेस में तस्वीर खींची और उसे एडिट कर धमकी दी कि यदि उसकी शादी कहीं और हुई तो वह तस्वीरों को वायरल कर देगा।

पुलिस के मुताबिक, श्रेया अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी और उसके नाम पर करोड़ों रुपये की जमीन-संपत्ति थी। परिवार ने विवेक के शादी के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और श्रेया की शादी दूसरी जगह तय कर दी। नवंबर में उसकी सगाई और फरवरी में शादी प्रस्तावित थी।

18 अगस्त को हत्या की वारदात

पुलिस के अनुसार, शादी दूसरी जगह तय होने के बाद विवेक ने अपने मऊ निवासी दोस्त पुनीत मिश्रा से संपर्क किया और कथित तौर पर हत्या के लिए 22 लाख रुपये देने की बात तय की। 18 अगस्त को विवेक ने श्रेया को कॉलेज जाते समय फोन या मैसेज कर बुलाया। आरोप है कि भरोसे में लेकर अथवा धमकी देकर वह उसे बाइक से बच्छांव स्थित अपने किराये के कमरे में ले गया। कमरे में पुनीत पहले से मौजूद था। आरोप है कि विवेक ने श्रेया के हाथ पकड़ लिए, जबकि पुनीत ने चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, वारदात करीब 20 मिनट में अंजाम दी गई और शव को बाथरूम में छोड़कर दोनों वहां से फरार हो गए।

हत्या के बाद पुनीत को नहीं मिले पैसे

जांच में सामने आया कि हत्या के बाद विवेक ने पुनीत को उसी दिन अस्सी घाट पर पैसे देने का वादा किया था। पुनीत वहां पहुंचा, लेकिन विवेक नहीं आया। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। पुनीत ने विवेक की तलाश में भुआलपुर और चुनार तक जाने की बात पुलिस को बताई, लेकिन तब तक विवेक फरार हो चुका था। 24 अगस्त को पुलिस ने पुनीत को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर हत्या की साजिश और फरारी से जुड़े अहम तथ्य मिले।

150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले

मुख्य आरोपित विवेक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें बिहार, झारखंड और कोलकाता समेत विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही थीं। पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। करीब 20 दिन तक फरार रहने के बाद आखिरकार राजातालाब पुलिस ने जगदेवपुर के पास मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक सामने आए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है। आरोपित की गिरफ्तारी करने वाली टीम में राजातालाब थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक अविनाश कुमार, राजेश मौर्य, सुनील यादव, रोहित दुबे समेत पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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