महापौर का प्रयास लाया रंग , 13 पुराने वार्डों में 527 करोड़ से बिछेगी 200 किलोमीटर नई सीवर लाइन

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महापौर का प्रयास लाया रंग , 13 पुराने वार्डों में 527 करोड़ से बिछेगी 200 किलोमीटर नई सीवर लाइन


प्रदेश शासन ने दी हरी झंडी,शेष पांच वार्डों को इसी सप्ताह कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना

वाराणसी, 13 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद के नवशहरी क्षेत्र में जलनिकासी सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। वहीं, पुराने वार्डों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या की समस्या भी व्याप्त है। गंगा घाटाें के किनारे के कई मोहल्लों में भी सीवर व्यवस्था ध्वस्त हो गया है। इसके कारण सीवर ओवरफ्लो इन क्षेत्रों में स्थायी समस्या बनी हुई है। इसे देखते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने प्रथम चरण में 18 पुराने वार्डों में नई पाइप लाइन बिछाने का निर्णय लिया है। इस क्रम में प्रदेश शासन ने 527 करोड़ रुपये की लागत से 13 पुराने वार्डों में 200 किलोमीटर नई सीवर लाइन बिछाने की हरी झंडी दे दी है ।

मंगलवार शाम नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शेष पांच वार्डों में नई सीवर लाइन बिछाने के प्रस्ताव को इसी सप्ताह कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना है । ऐसे में हुकूलगंज, नई बस्ती, प्रहलाद घाट, कृतिवाशेश्वर, शिवपुरवा, तुलसीपुर, बिरदोपुर, काजीपुरा, शिवाला, नगवां, बागाहाड़ा , जंगमबाड़ी, बंगाली टोला वार्ड के करीब 100 मोहल्लाें के चार लाख से अधिक आबादी लाभांवित होगी। वहीं पाइपलाइन ट्रांस लेस विधि से बिछाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत गली के मोड़ाें पर गड्ढा कर पूरी गली में नई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। नगर आयुक्त के अनुसार जलनिकासी के लिए शहर अब भी करीब 200 वर्ष पुराने ड्रेनेज व सीवरेज सिस्टम (शाही नाले) पर निर्भर है। ड्रेनेज व सीवरेज के लिए नगर निगम के पास शाही नाले का कोई विकल्प नहीं है। शाही नाला व ब्रिटिश के जमाने में बने ईंट के नाला बनारस का बैक बोन माना जाता है। पुराने मोहल्लों में अंग्रेजों के जमाने की सीवर पाइप लाइन होने के कारण जाम व ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। खास तौर पर गंगा घाटोें के किनारे के मोहल्लों में अक्सर सीवर जाम रहता है। इसे देखते हुए नगर निगम ने 18 वार्डों में सीवर की पाइप लाइन बदलने का निर्णय लिया था। महापौर अशोक कुमार तिवारी के निर्देश पर जलनिगम ने इसका सर्वे कराया था। इसके आधार पर जल निगम ने विस्तृत डीपीआर शासन को भेजा था। महापौर के द्वारा लगातार इसकी समीक्षा की जा रही थी। शासन ने बनारस की सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जल निगम के प्रस्ताव की स्वीकृति दे दी है। निगम 18 पुराने वार्डों में सीवर के साथ-साथ पानी की भी पाइप लाइन बदलने का भी प्रस्ताव है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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