तीन वर्षों में चार गुना से अधिक राजस्व वसूली कर वाराणसी नगर निगम ने रचा इतिहास
-गृहकर, जलकर व सीवर कर का एकीकृत बिल जारी करने वाला वाराणसी बना प्रदेश का पहला नगर निगम
वाराणसी, 01 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी नगर निगम ने इस बार रिकार्ड राजस्व वसूली की है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल राजस्व वसूली 94.36 करोड़ रुपये थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 403.45 करोड़ रुपये पहुंच गया है। इस प्रकार तीन वर्षों में राजस्व करीब चार गुना अधिक की वसूली कर नगर निगम ने इतिहास रच दिया है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बुधवार को बताया कि वर्ष 2025-26 में संपत्ति कर वसूली के लिए 225 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 267.55 करोड़ (26755.51 लाख) रुपये वसूली हुई है। जब कि वर्ष 2010 के बाद कर की गृहकरों की दरों में एक रुपये की बढ़ोतरी नहीं की गई। खास बात यह है कि इस बार निगम ने जलकर और सीवर कर का 76 करोड़ रुपये सरचार्ज भी माफ कर (छूट ) किया था। यही नहीं नगरीय सीमा में कोई बड़ी औद्योगिक इकाई भी नहीं है। इसके बावजूद महज तीन वर्षों के अंतराल में निगम का राजस्व करीब चार गुना बढ़ गया है।
वहीं, संपत्ति कर से होने वाली आय लगभग तीन गुना बढ़ी है । इसके पीछे वर्ष 2023 में जहां 1.22 करोड़ लोग टैक्स देते थे, अब वह संख्या 1.82 करोड़ पहुंच गई है और भवन स्वामियों ने गृहकर जमा किए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन 31 मार्च को एक ही दिन में रिकॉर्ड सात हजार भवन स्वामियों ने 27 करोड़ रुपये का टैक्स जमा किए । इसमें 1229 लोगों ने घर बैठे आनलाइन 1.55 करोड़ रुपये जमा किए हैं । इस प्रकार इस परिवर्तन का सबसे बड़ा नायक डिजिटल इंडिया' अभियान बना है।
नगर आयुक्त के अनुसार वाराणसी प्रदेश का पहला ऐसा नगर निगम बन गया है जिसने गृहकर, जलकर और सीवर कर के लिए एकीकृत बिल की व्यवस्था लागू की है। उन्होंने बताया कि कहा जिन भवन स्वामियों ने 31 मार्च तक टैक्स जमा नहीं किया है। ऐसे भवन स्वामियों का वित्तीय वर्ष 2026-27 के बिल में पिछला बकाया ब्याज सहित जोड़ दिया गया है । इसी प्रकार करेत्तर मदों जैसे दुकानों के किराए और लाइसेंस शुल्क में 50 प्रतिशत विलंब शुल्क लगा दिया गया है। सिर्फ संपत्ति कर ही नहीं, बल्कि विज्ञापन, पार्किंग, दुकान किराया और सड़क कटिंग जैसे मदों में भी निगम ने अपनी आय को व्यवस्थित किया है। विज्ञापन और अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) शुल्क से होने वाली आय में कई गुना वृद्धि यह दर्शाती है कि शहर की व्यावसायिक गतिविधियों में जबरदस्त उछाल आया है। संपत्ति कर के अलावा सड़क कटिंग से 15.22 करोड़, विज्ञापनों से 12.18 करोड़ और दुकान किराये से 5.57 करोड़ वसूली हुई है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

