सीएम योगी की मौजूदगी में काशी रचेगी कीर्तिमान, ‘शहरी वन’ के लिए तीन लाख पौधों का हाेगा रोपण

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सीएम योगी की मौजूदगी में काशी रचेगी कीर्तिमान, ‘शहरी वन’ के लिए तीन लाख पौधों का हाेगा रोपण


-सूबे के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने किया डोमरी स्थित महत्वाकांक्षी परियोजना का अवलोकन

वाराणसी, 28 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी अब पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने की तैयारी में है। वाराणसी नगर निगम ने सूजाबाद डोमरी क्षेत्र के 350 बीघा में विकसित होने वाले आधुनिक ‘शहरी वन’ की तैयारी पूरी कर ली है। इस विशाल परियोजना का भव्य शुभारंभ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार (एक मार्च) को करेंगे। मुख्यमंत्री के आने के एक दिन पहले सूबे के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना शनिवार को डोमरी पहुंचे और महत्वाकांक्षी परियोजना का अवलोकन किया। उन्होंने तैयारियों पर संतोष जताते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऑक्सीजन बैंक बताया ।

निरीक्षण के दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी व नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने वित्त मंत्री को नक्शे से प्रत्येक सेक्टर की जानकारी दी। बताया गया कि एक मार्च को सुबह आठ बजे से यहां एक साथ तीन लाख से अधिक पौधों का रोपण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल को दर्ज करने के लिए 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' की टीम भी वाराणसी पहुंच चुकी है। एक मार्च को दोपहर ढ़ाई बजे मुख्यमंत्री वृक्षारोपण कार्यक्रम के संबंध में प्रस्तुतीकरण देखेंगे और प्रमाणपत्रों का वितरण भी करेंगे।

—गंगा घाटों के नाम पर होंगे 60 सेक्टर

नगर आयुक्त के अनुसार इस 'शहरी वन' की सबसे अनूठी विशेषता इसकी बनावट है। पूरे वन क्षेत्र को 60 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर का नाम काशी के प्रसिद्ध गंगा घाटों जैसे-दशाश्वमेध, ललिता घाट, नया घाट, केदार घाट, चौसट्टी घाट, मानमंदिर घाट और शीतला घाट के नाम पर रखा गया है। प्रत्येक सेक्टर में पांच हजार पौधे रोपे जाएंगे। यह न केवल पौधों का समूह होगा, बल्कि गंगा किनारे एक हरा-भरा 'मिनी काशी' का स्वरूप नजर आएगा। महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में डोमरी में विकसित हो रहा यह शहरी वन आने वाली पीढ़ियों के लिए ऑक्सीजन बैंक का काम करेगा। डोमरी में विकसित हो रहा यह शहरी वन आने वाली पीढ़ियों के लिए ऑक्सीजन बैंक का काम करेगा। यह आध्यात्मिक शांति और आधुनिक अर्थशास्त्र का एक अनूठा उदाहरण है। प्रशासन की टीमें स्थल पर डटी हुई हैं और हम विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए तैयार हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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