वाराणसी नगर निगम और रक्षा-रेलवे विभाग के बीच होगा 227.5 बीघा भूमि का आदान-प्रदान

WhatsApp Channel Join Now

- निगम के कार्यकारिणी व सदन की हरी झंडी, नगर आयुक्त ने रक्षा संपदा अधिकारी को भेजा पत्र

- पार्किंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट और नागरिक सुविधाओं के लिए अधिग्रहित की जाएगी भूमि

वाराणसी, 08 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी नगर निगम शहर में बुनियादी ढांचे के विकास और जनहित की योजनाओं को गति और विस्तार देने के लिए जुट गया है। इसी क्रम में

नगर निगम ने 227.5 बीघे (57.6 हेक्टेयर) से अधिक भूमि रक्षा संपदा व रेलवे विभाग से आदान-प्रदान करने का निर्णय लिया है। निगम की कार्यकारिणी व सदन से इसकी मंजूरी मिल चुकी है। नगर निगम के जनसम्पर्क अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि निगम इन भू-भागों का उपयोग जनसुविधाओं, ट्रैफिक मैनेजमेंट और पार्किंग जैसी सेवाओं के लिए करेगा, जो शहर की बढ़ती ट्रैफिक समस्याओं को कम करने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

इन क्षेत्रों की जमीनों के आदान-प्रदान का प्रस्ताव

नगर निगम को छावनी क्षेत्र स्थित गुडशेड बाजार (1.2286 हेक्टेयर), फुलवरिया फ्लाईओवर के नीचे की भूमि (3.8121 हेक्टेयर), डोमरी व सूजाबाद (19.6690 हेक्टेयर) और कैंटोनमेंट स्थित 160 एकड़ भूमि में से रेलवे के कब्जे को छोड़कर शेष 34.259 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। इसके बदले में निगम रेलवे को मौजा-घौसाबाद स्थित रेलवे लैंड (2830 वर्गमीटर), मण्डुआडीह मार्ग पर रेलवे भूमि (2029.30 वर्गमीटर) और गुडशेड बाजार स्थित गोल्डन पीकॉक के पीछे की भूमि (लगभग 4100 वर्गमीटर) हस्तांतरित करेगा। इस तरह निगम शहर में स्थित रक्षा संपदा विभाग और रेलवे की महत्वपूर्ण भूमि को अधिग्रहित कर विकास कार्य कराएगा, जिसके बदले में निगम अपनी उतनी ही मूल्य की भूमि संबंधित विभागों को सौंपेगा।

इस संदर्भ में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने रक्षा संपदा अधिकारी, प्रयागराज को एक पत्र भी भेजा है।जिसमें कहा गया है कि पूर्व में भूमि के स्वामित्व को लेकर जो प्रशासनिक अस्पष्टता थी, उसे दूर किया जाएगा ताकि एकीकृत शहरी विकास के कार्यों में कोई बाधा न आए।

वाराणसी महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि शहर के चहुंमुखी विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए यह भूमि विनिमय अत्यंत आवश्यक है। इस प्रक्रिया से न केवल प्रशासनिक बाधाएं दूर होंगी, बल्कि ट्रैफिक और जनसुविधाओं की समस्याओं का स्थायी समाधान निकलेगा, जिससे शहर की तस्वीर बदलेगी।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

Share this story