अब वाट्स-एप से घर बैठे जमा करें सम्पत्ति कर, वाराणसी बना यूपी का पहला नगर निगम

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अब वाट्स-एप से घर बैठे जमा करें सम्पत्ति कर, वाराणसी बना यूपी का पहला नगर निगम


—महापौर ने बटन दबाकर एआई आधारित चैटबॉट का शुभारंभ किया

वाराणसी,06 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के संकल्प को मूर्त रूप देते हुए वाराणसी नगर निगम ने शहर के 2.33 लाख भवन स्वामियों के लिए अत्यंत सुविधाजनक सेवा शुरू की है। अब नागरिकों को टैक्स जमा करने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे और न ही लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ेगा। इसके स्थान पर एआई आधारित चैटबॉट(वाट्स-एप) के माध्यम से अब भवन स्वामी घर बैठे जमा करें सम्पत्ति कर (गृहकर,जलकर,सीवरकर) सकते हैं। मैदागिन स्थित टाउनहाल भवन में शनिवार को आयोजित सदन की बैठक में इसका शुभारंभ महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बटन दबा कर किया।

वाराणसी यह सुविधा शुरू करने वाला उत्तर प्रदेश का पहला नगर निगम बन गया है। एआईआधारित इस चैटबॉट सुविधा के माध्यम से अब टैक्स भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो गई है। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए भवन स्वामियों को अपने वाट्स-एप से 86018 72601 नंबर पर सिर्फ 'Hi' लिखकर भेजना होगा। संदेश भेजते ही चैटबॉट द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा, जिसके कुछ ही सेकंड में टैक्स बिल आपके मोबाइल स्क्रीन पर होगा। उपभोक्ता वहीं से तत्काल भुगतान कर अपनी रसीद भी डाउनलोड कर सकते हैं।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि निगम भवन स्वामियों को प्रोत्साहित करने के लिए 15 जुलाई तक गृहकर,जलकर व सीवर कर जमा करने पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट दे रहा है। इसके अलावा, डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जो भवन स्वामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का ऑनलाइन टैक्स भुगतान कर रहे हैं, उन्हें 2 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जा रही है,यानी कुल 12 प्रतिशत की राहत मिल रही है। इस बार सामाजिक सरोकार के तहत विशेष श्रेणी के करदाताओं के लिए भी व्यवस्था की गई है। शहर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों को गृहकर, जलकर और सीवर कर में 50 प्रतिशत की भारी छूट दी जा रही है।

नगर आयुक्त ने उन करदाताओं को भी आश्वस्त किया है जिन्होंने 1 अप्रैल से 6 मई के बीच टैक्स जमा किया था, कि उनकी छूट की राशि को अगले वित्तीय वर्ष में समायोजित (एडजस्ट) कर दिया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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