वाराणसी : मालगोदाम की जमीन पर विकसित होगा नमो बनारस केंद्र, बनेंगे जी-प्लस सिक्स कमर्शियल कॉम्प्लेक्स

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वाराणसी : मालगोदाम की जमीन पर विकसित होगा नमो बनारस केंद्र, बनेंगे जी-प्लस सिक्स कमर्शियल कॉम्प्लेक्स


-145 करोड़ की लागत से होगा निर्मित, बनेंगे छोटे-बड़े 844 दुकान, बनारसी साड़ी उद्योग और सप्तसागर दवा मंडी के व्यवसायियों को होगा आवंटित

वाराणसी, 13 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी अब पारंपरिक पहचान के साथ आधुनिक व्यापारिक सुविधाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। नगर निगम ने शहर के खाली भू-भागों के व्यावसायिक उपयोग की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कैंट स्थित मालगोदाम की बेशकीमती जमीन पर ‘नमो बनारस केंद्र’ विकसित करने का फैसला किया है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सोमवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। करीब 0.82 हेक्टेयर क्षेत्र में 145.36 करोड़ रुपये की लागत से जी+6 मल्टीस्टोरी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। 48,365 वर्ग मीटर में फैले इस कॉम्प्लेक्स में 155 से 655 वर्ग फीट तक की 844 आधुनिक दुकानें प्रस्तावित हैं। यह केंद्र खासतौर पर बनारसी साड़ी उद्योग और सप्तसागर दवा मंडी के व्यापारियों के लिए उपयोगी साबित होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। परियोजना के वित्त पोषण के लिए निगम ने मिश्रित मॉडल तैयार किया है। इसके तहत लगभग 100 करोड़ रुपये व्यापारियों से जुटाए जाएंगे, जबकि शेष 45.36 करोड़ रुपये राज्य वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान की बचत से खर्च किए जाएंगे।

—शहर में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार

स्मार्ट सिटी की दिशा में आगे बढ़ते हुए नगर निगम ने दूसरे चरण में प्रमुख चिकित्सा केंद्रों को मुफ्त वाई-फाई से जोड़ने का निर्णय लिया है। ट्रॉमा सेंटर, बीएचयू अस्पताल और कैंसर अस्पताल परिसर में मरीजों और तीमारदारों को यह सुविधा मिलेगी।

—अतिक्रमण पर सख्ती, प्रवर्तन दल होगा मजबूत

शहर में यातायात और सौंदर्य व्यवस्था सुधारने के लिए प्रवर्तन दल को सशक्त बनाने का निर्णय लिया गया है। आउटसोर्सिंग के जरिए 19 नए जवानों की भर्ती की जाएगी, जिससे दल की संख्या 21 से बढ़कर 40 हो जाएगी। श्रमिकों की संख्या भी 25 से बढ़ाकर 40 की जाएगी और हर जोन में कम से कम चार श्रमिक तैनात रहेंगे।

—अनुपयोगी वाहनों की नीलामी को मंजूरी

बैठक में 83 अनुपयोगी वाहनों की नीलामी को हरी झंडी दी गई, हालांकि सीएसआर फंड से मिले 31 ई-गार्बेज वाहनों की नीलामी फिलहाल रोक दी गई है। इनकी जांच के बाद ही आगे निर्णय लिया जाएगा।

—विकास कार्यों में देरी पर नाराजगी

महापौर ने सड़कों, गलियों, सीवर और पेयजल पाइपलाइन जैसे कार्यों में देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। निर्देश दिया गया कि टेंडर जारी होने के एक सप्ताह के भीतर ठेकेदार से अनुबंध कर कार्य शुरू कराया जाए। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने भी गुणवत्ता से समझौता न करने की चेतावनी दी।

—बिजली उपकेंद्रों के लिए भूमि आवंटन

सलारपुर और पहड़िया क्षेत्रों में नए विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण के लिए भूमि आवंटन को भी मंजूरी दी गई, जिससे स्थानीय बिजली आपूर्ति में सुधार होगा।

—बैठक में इनकी रही उपस्थिति

बैठक में उपसभापति नरसिंह दास, कार्यकारिणी सदस्य अमरदेव यादव, प्रमोद राय, मदन मोहन, हनुमान प्रसाद, सुशील गुप्ता योगी, प्रवीन राय, अशोक मौर्या, माधुरी सिंह, सुशीला देवी और राजकुमार चौधरी उपस्थित रहे। इसके अलावा नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अमित कुमार, संगम लाल, विनोद कुमार गुप्ता आदि अफसर भी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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