स्वच्छता की सारथी बनीं काशी की बेटियां, 82 महिलाएं हुई सम्मानित, होम कंपोस्टिंग में पेश की मिसाल

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स्वच्छता की सारथी बनीं काशी की बेटियां, 82 महिलाएं हुई सम्मानित, होम कंपोस्टिंग में पेश की मिसाल


वाराणसी, 13 मार्च (हि.स.)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के तहत शुक्रवार को नगर निगम के सभागार में विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नारी लीड्स स्वच्छता (8 से 14 मार्च) अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में होम कंपोस्टिंग और स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 82 महिलाओं को सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वाली महिलाओं में महिला सफाई निरीक्षक, महिला सफाई कर्मचारी और बड़ी संख्या में गृहणियां भी शामिल रहीं। इन महिलाओं ने अपने घरों और कार्यक्षेत्र में गीले कचरे से खाद बनाने (होम कंपोस्टिंग) की तकनीक को न केवल अपनाया, बल्कि अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित किया।

इन महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने कहा कि स्वच्छता के अभियान में महिलाओं की भागीदारी सबसे अहम है। जब एक महिला जागरूक होती है, तो पूरा परिवार और समाज जागरूक होता है। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि शहर को डंपिंग यार्ड के बोझ से बचाने के लिए जीरो वेस्ट मॉडल जरूरी है। होम कंपोस्टिंग इसमें मील का पत्थर साबित हो रही है। संचालन सरिता तिवारी व धन्यवाद ज्ञापन डॉक्यूमेंट मैनेजर प्रीति सिंह ने किया।

———घर पर ऐसे तैयार करें खाद

इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त ने महिलाओं को होम कंपोस्टिंग के सरल तरीके भी साझा किया। उन्होंने बताया कि खाद बनाने के लिए एक पुराने गमले या बाल्टी में हवा के लिए छोटे छेद करें। नीचे सूखी पत्तियां या टहनियां (ब्राउन्स) रखें, फिर उसके ऊपर रसोई का गीला कचरा (ग्रीन्स) डालें। कचरे को हल्का नम रखें और सप्ताह में एक बार पलटें। 2-3 महीने में बेहतरीन जैविक खाद तैयार हो जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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