वाराणसी के 55 चौराहों पर सावन में गूंजेगा शिवस्रोत, सुरमई होगी शिवनगरी की भोर

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वाराणसी के 55 चौराहों पर सावन में गूंजेगा शिवस्रोत, सुरमई होगी शिवनगरी की भोर


महापौर ने नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में लिया निर्णय

—कांवड़ियों के लिए 24 घंटे मिलेंगे शौचालय की सुविधा

वाराणसी,04 अगस्त (हि.स.)। सावन माह में उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी का कोना-कोना अब और भी अधिक शिवमय, आध्यात्मिक और दिव्य अनुभूति वाला होगा। भोर की पहली किरण के साथ ही जब शहर की सड़कें जागेंगी, तो फिजाओं में तैरती शिवस्रोत की मधुर और पावन स्वर लहरियां सनातनी श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर देंगी।

मंगलवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में निगम सभागार में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 5 अगस्त से शहर के 55 प्रमुख चौराहों पर लगे 'पब्लिक एड्रेस सिस्टम' के जरिए हर सुबह 5:30 से 6:30 बजे तक शिवस्रोत की स्तुति गूंजेगी।

बैठक में पार्षदों और कार्यकारिणी सदस्यों ने जनहित, शहर की बुनियादी व्यवस्थाओं और विकास परियोजनाओं की सुस्त रफ्तार पर कड़ा रुख अपनाया। उपसभापति नरसिंह दास सहित कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करते हुए समिति ने नगर आयुक्त को तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

—सावन व्यवस्थाएं और बाढ़ राहत पर हाई अलर्ट

बैठक में सावन के पवित्र महीने और आगामी बाढ़ की आशंका को देखते हुए कार्यकारिणी ने नगर प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। उपसभापति नरसिंह दास के प्रस्ताव पर समिति ने कहा कि सावन के दौरान हर शिवालय और मंदिर परिसर के आसपास की व्यवस्था प्लास्टिक मुक्त रखी जाए। कांवड़ियों के सुगम आवागमन, विश्राम स्थलों के निर्माण और सार्वजनिक शौचालयों की 24 घंटे निःशुल्क व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही आम जनता के लिए शौचालयों पर दर तालिका (रेट-बोर्ड) चस्पा करने का आदेश दिया गया। वहीं शहर में गंगा व वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर तैयारी तेज करने का निर्देश जारी हुआ। राहत शिविरों में शुद्ध पेयजल, बेड, भोजन व साफ-सफाई की व्यवस्था के साथ सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया। इसके अलावा 15 अगस्त से शुरू हुए महावृक्षारोपण अभियान के तहत लगाए गए पौधों और ट्री-गार्ड्स की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की गई है।

—मानदेय वृद्धि और विकास कार्यों की समीक्षा

सदस्य प्रवीण राय के प्रस्ताव पर आउटसोर्सिंग के जरिए कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों, डाटा एनालिस्टों, प्रोग्रामरों और आईटी विशेषज्ञों के पारिश्रमिक में वृद्धि करने का निर्देश पारित किया गया। साथ ही सीएसआर फंड से प्राप्त कुल धनराशि, स्वीकृत कार्यों और कार्यदायी एजेंसियों की विस्तृत जानकारी मांगी गई। सदस्य मदन मोहन तिवारी ने वर्षा जल संचयन (वॉटर हार्वेस्टिंग) के क्रियान्वयन तथा निजी ठेकेदारों द्वारा लगाई गई स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव व मरम्मत की जिम्मेदारी तय करने पर बल दिया। सदस्य अशोक मौर्या के प्रस्ताव पर शहर के पार्कों के सौंदर्यीकरण पर हुए व्यय का विवरण और नाला सफाई का वार्डवार व सूचीबद्ध ब्यौरा पेश करने का आदेश दिया गया। सदस्य राजकपूर चौधरी ने डोर-टू-डोर कचरा उठान कंपनी के भुगतान जांच रिपोर्ट की स्थिति की जानकारी ली।

—सांस्कृतिक धरोहरों व बुनियादी सुविधाओं पर जोर

सांस्कृतिक धरोहरों और जनसुविधाओं पर चर्चा करते हुए सदस्य संदीप रघुवंशी ने भारत रत्न व पद्म पुरस्कारों से सम्मानित काशी की विभूतियों के आवासों को संग्रहालय के रूप में विकसित करने और उनके मोहल्लों के नामकरण की योजना पर प्रगति रिपोर्ट मांगी।

—एकमुश्त समाधान योजना को मंजूरी, बकायेदारों को ब्याज में मिलेगी 100 फीसदी छूट

नगर निगम की कार्यकारिणी ने गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकायेदारों के लिए 'एकमुश्त समाधान योजना' (ओटीएस) को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में हुई कार्यकारिणी की बैठक में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया। इस योजना के तहत मूल बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान करने पर अधि रोपित पूरे ब्याज और सरचार्ज को माफ कर दिया जाएगा। यह योजना 15 अगस्त से लागू होकर 15 दिसंबर तक यानी पूरे चार महीनों के लिए प्रभावी रहेगी। नागरिकों की सुविधा के लिए आवेदन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सरल बनाया जाएगा, ताकि लोगों को जोनल कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें ।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि छोटे और मध्यम करदाताओं को राहत देते हुए कार्यकारिणी ने किस्तों में भुगतान का विकल्प भी मंजूर किया है। इसके तहत एक लाख रुपये तक के बकायेदार अपनी कुल राशि का एक-तिहाई भाग शुरुआती 30 दिनों में जमा कर सकेंगे, जबकि शेष दो-तिहाई धनराशि का भुगतान अगली दो मासिक किस्तों में कर सकेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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