राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत की युवा चेतना को जागृत करने का अवसर: घनश्याम शाही

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राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत की युवा चेतना को जागृत करने का अवसर: घनश्याम शाही


राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत की युवा चेतना को जागृत करने का अवसर: घनश्याम शाही


—'राष्ट्रीय युवा दिवस' पर अभाविप वाराणसी महानगर की संगोष्ठी

वाराणसी, 12 जनवरी (हि.स.)। स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस पर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, वाराणसी महानगर के तत्वावधान में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के सावित्री बाई फूले सभागार में विचार गोष्ठी आयोजित हुई।

गोष्ठी स्वामी विवेकानंद के विचारों को युवाओं तक पहुँचाने एवं राष्ट्र निर्माण में युवाशक्ति की भूमिका पर केंद्रित रहा। गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत की युवा चेतना को जागृत करने का अवसर है। स्वामी विवेकानंद ने जिस आत्मविश्वासी, चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ युवा की कल्पना की थी, आज उसी विचार को व्यवहार में उतारने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति में राष्ट्र की दिशा और दशा बदलने की क्षमता है, बशर्ते उसे सही विचार, उद्देश्य और मार्गदर्शन मिले। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवाओं को केवल अकादमिक सफलता तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उनमें राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भाव और सांस्कृतिक चेतना का भाव जागृत करने का कार्य करती है। आज जब वैश्वीकरण और भौतिकतावाद के कारण युवाओं के सामने वैचारिक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, ऐसे समय में स्वामी विवेकानंद के विचार युवाओं के लिए मार्गदर्शक दीपस्तंभ हैं।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को अपने जीवन का केंद्र बनाएं, समाज की समस्याओं के समाधान हेतु आगे आएँ और सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें। शाही ने कहा कि युवा शक्ति यदि संगठित, जागरूक और प्रतिबद्ध हो जाए, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।

गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि विश्वभूषण मिश्रा (मुख्य कार्यपालक अधिकारी, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर) , सुनीता पांडेय (कुलसचिव, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ)ने भी विचार प्रकट किया। गोष्ठी की अध्यक्षता महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में परिषद के वाराणसी महानगर अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ सिंह एवं महानगर मंत्री शिवम तिवारी भी मंचासीन रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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