दुर्गाकुंड मणि मंदिर में महाकाल भस्म आरती, 25 क्विंटल ठंडई और 21 हजार केले का भोग चढ़ा

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दुर्गाकुंड मणि मंदिर में महाकाल भस्म आरती, 25 क्विंटल ठंडई और 21 हजार केले का भोग चढ़ा


—शिवलिंगों की चारों पहर की आरती और पूजन

वाराणसी,15 फरवरी (हि.स.)। महाशिवरात्रि पर्व पर रविवार को दुर्गाकुंड स्थित मणि मन्दिर (धर्मसंघ परिसर) में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। इस मौके पर धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज के पावन सानिध्य में मंदिर में स्थित देव विग्रहों को 25 क्विंटल ठंडई एवं 21 हजार केले का भोग लगाया गया । इसके बाद भक्तों में प्रसाद स्वरूप इसे वितरित किया गया। हजारों की संख्या में मंदिर में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर मंदिर में स्थापित 111 नर्वदेश्वर शिवलिंग, द्वादश स्फटिक शिवलिंग, पारदेश्वर शिवलिंग सहित श्रीराम दरबार, माँ अन्नपूर्णा, प्रथमेश गणेश, भगवती माँ दुर्गा, राधेकृष्ण आदि देव विग्रहों का दिव्य श्रृंगार किया गया था।

——नर्वदेश्वर महादेव की उतारी भस्म आरती

मन्दिर के मुख्य मंडप में स्थापित पाँच फ़ीट के विशाल नर्वदेश्वर शिवलिंग का दिव्य महाकाल श्रृंगार किया गया। इसके बाद पुजारी राजीव लोचन ने शिवलिंग की भव्य भस्म आरती की। आरती दर्शन के लिए प्रातः काल ही भक्तों की कतार लग गयी थी। प्रातः 4 बजे मंगला आरती के साथ पट खोला गया, सायंकाल पुनः आरती, भोग लगाया गया तत्पश्चात रात्रि पर्यंत मंदिर में श्रद्धालु शिवलिंगों का पूजन अर्चन करते रहे। शिवरात्रि पर्व पर शिवलिंगों की चारों पहर की आरती और पूजन किया गया। मंदिर में सायंकाल जबलपुर के भजन गायक डॉ. राम सरकार ने भजन गंगा प्रवाहित कराई। उन्होंने कैलाश के निवासी, शिव की महिमा आदि भजनों से माहौल शिवमय कर दिया। उनके साथ तबले पर शक्ति ने संगत किया। समस्त आयोजन धर्मसंघ महामंत्री पं.जगजीतन पाण्डेय के आचार्यत्व में सम्पन्न हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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