आधी रात बाद से शुरू होगा लोलार्क कुंड पर स्नान, पुलिस कमिश्नर ने कुंड की सुरक्षा व्यवस्था को परखी

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आधी रात बाद से शुरू होगा लोलार्क कुंड पर स्नान, पुलिस कमिश्नर ने कुंड की सुरक्षा व्यवस्था को परखी


आधी रात बाद से शुरू होगा लोलार्क कुंड पर स्नान, पुलिस कमिश्नर ने कुंड की सुरक्षा व्यवस्था को परखी


—दोपहर बाद से ही बारिश के बीच संतान की आस में कुंड में स्नान के लिए कतारबद्ध हुई महिलाएं और उनके परिजन

वाराणसी, 16 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि (लोलार्क षष्ठी) पर भदैनी स्थित लोलार्क कुंड में स्नान के लिए श्रद्धालु महिलाएं और उनके परिजन बुधवार दोपहर से बारिश के बीच कतारबद्ध होने लगे। कुंड से लगभग एक किलोमीटर तक कतार का दायरा शाम होते-होते पहुंच गया। श्रद्धालु महिलाएं और उनके परिजन संतान की आस में कुंड में डुबकी लगाने और लोलार्केश्वर महादेव के दर्शन के लिए पूरी रात सड़क पर कतार में गुजारेंगी। और भोर 3:55 बजे से ही स्नान का सिलसिला शुरू होते ही अपनी बारी आने पर कुंड में स्नान करेंगी।

लोलार्क षष्ठी पर्व को सकुशल और शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने के लिए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने लोलार्क कुंड एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। पुलिस कमिश्नर ने लोलार्क कुंड पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं दंपतियों की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान कुंड के प्रवेश एवं निकास मार्गों, बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण तथा पर्याप्त पुलिस प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। पर्व के दौरान महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती और सहायता केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने और वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस आयुक्त ने कुंड परिसर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय, सतर्कता एवं प्रभावी पर्यवेक्षण के साथ ड्यूटी निर्वहन करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था/मुख्यालय शिवहरि मीणा सहित अन्य अफसर भी मौजूद रहे।

—पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ से भी दंपति आए

लोलार्क छठ पर लोलार्क कुंड में स्नान के लिए पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ से भी हजारों निसंतान दंपति भदैनी पहुंच गए है। काशी में मान्यता है कि भाद्रपद षष्ठी तिथि पर सूर्य की किरणें सीधे लोलार्क कुंड के जल पर पड़ती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार सूर्यदेव के रथ का पहिया यहीं धंसा था, जिससे वहां जलधारा फूट पड़ी। पश्चिम बंगाल के कूच विहार के राजा ने यहां स्नान कर चर्म रोग से मुक्ति पाई थी और उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति भी हुई थी। ज्योतिषविदों के अनुसार इस वर्ष लोलार्क छठ पर पूरे सात साल बाद राजयोग और पांच महापुरुष योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग बनने से इस पर्व पर किए गए स्नान और पूजन का फल कई गुना बढ़ जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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