काशी विश्वनाथ धाम के अन्नपूर्णा मंदिर से बटेंगा खजाना, भगवान विश्वेश्वर को अर्पित होगा छप्पन भोग

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काशी विश्वनाथ धाम के अन्नपूर्णा मंदिर से बटेंगा खजाना, भगवान विश्वेश्वर को अर्पित होगा छप्पन भोग


काशी विश्वनाथ धाम के अन्नपूर्णा मंदिर से बटेंगा खजाना, भगवान विश्वेश्वर को अर्पित होगा छप्पन भोग


वाराणसी, 05 नवम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम में धनतेरस एवं अन्नकूट महापर्व के पावन अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न होंगे। धनतेरस (धन त्रयोदशी) के अवसर पर भोर 04:00 बजे माँ अन्नपूर्णा की विशेष पूजा-अर्चना, भव्य शृंगार एवं आरती संपन्न की जाएगी।

महाआरती के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए माँ अन्नपूर्णा के दर्शन की व्यवस्था रहेगी तथा उन्हें माँ का पावन प्रसाद ‘खजाना’ वितरित किया जाएगा। गुरूवार को यह जानकारी मंदिर के मुख्य कार्यापालक अधिकारी (सीईओ) सत्यम मिश्र ने दी। उन्होंने बताया कि माँ अन्नपूर्णा के दर्शन एवं प्रसाद वितरण की यह विशेष व्यवस्था अन्नकूट महापर्व 10 नवंबर को रात्रि शयन आरती तक निरंतर जारी रहेगी।

अन्नकूट महापर्व के अवसर पर ही मध्याह्न भोग आरती के दौरान भगवान विश्वेश्वर को छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे। इस भोग में विविध प्रकार के मिष्ठान्न, फल, नमकीन, मेवे एवं पारंपरिक पकवान सम्मिलित होंगे। इस पावन अवसर पर भगवान श्री विश्वनाथ(शिव परिवार) की चल प्रतिमा को गर्भगृह में विराजमान कर दिव्य शृंगार किया जाएगा। साथ ही, लड्डुओं से निर्मित भव्य शिवालय का निर्माण किया जाएगा, जिसके दर्शन गर्भगृह के पश्चिमी द्वार के समीप स्थित श्री वैकुंठ महादेव प्रांगण में होंगे। उन्होंने बताया कि मध्याह्न भोग आरती के उपरांत भगवान श्री शिव परिवार की चल प्रतिमा के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए सुलभ होंगे। श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर से झाँकी स्वरूप दर्शन कर सकेंगे। सायंकाल 06:00 बजे के उपरांत नियमित आरतियाँ निर्धारित समयानुसार संपन्न होंगी। अन्नकूट महापर्व के दिन नियमित शयन आरती, जो सामान्यतः गर्भगृह के पश्चिमी द्वार से संपन्न होती है, इस दिन गर्भगृह के दक्षिणी द्वार से संपन्न की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मंदिर प्रशासन दोनों पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम दर्शन के दृष्टिगत आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित किया है। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि निर्धारित दर्शन व्यवस्था का पालन करते हुए मंदिर प्रशासन एवं सुरक्षा कर्मियों का सहयोग करें।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

Livevns.news Desk
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