ईरान पर अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ काशी में धरना

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ईरान पर अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ काशी में धरना


—विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया,मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन

वाराणसी,07 मार्च (हि.स.)। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई के विरोध में शनिवार को साझा संस्कृति मंच से जुड़े विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अम्बेडकर पार्क, कचहरी में मौन उपवास रखकर धरना-प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि ओमान की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता के बीच, युद्ध की घोषणा किए बिना, ईरान पर की गई एकतरफा सैन्य कार्रवाई, ईरान के राष्ट्रीय एवं धार्मिक नेता की हत्या तथा एक स्कूल और अस्पताल पर हमले में डेढ़ सौ से अधिक छोटी बच्चियों की मौत मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इज़राइल द्वारा की गई इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है। वक्ताओं ने वेनेज़ुएला के खिलाफ एकतरफा सैन्य हस्तक्षेप और राजनीतिक दबाव की भी आलोचना की। कहा गया कि ग्रीनलैंड पर कब्जे, पनामा नहर पर नियंत्रण, कनाडा को अमरीका का “51वां राज्य” बनाने तथा गाजा को “अमेरिकी रिविएरा” बनाने जैसी धमकियां अमेरिका की अलोकतांत्रिक और अधिनायकवादी नीतियों को दर्शाती हैं। इसी तरह भारत पर अमेरिकी दबाव, जैसे रूसी तेल आयात रोकने की मांग, व्यापार समझौतों में टैरिफ की धमकी तथा 200 प्रतिशत टैरिफ की चेतावनी देकर भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने का दावा, साम्राज्यवादी दबाव की शृंखला का हिस्सा है। ऐसे दबावों के सामने भारत सरकार का कमजोर रुख देश की स्वतंत्र विदेश नीति, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता के लिए हानिकारक है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी और पंडित नेहरू के नेतृत्व में चला भारत का स्वतंत्रता संग्राम साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष, विविधता में एकता और सर्वधर्म समभाव का प्रतीक रहा है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51 भी अंतरराष्ट्रीय शांति, न्यायपूर्ण संबंध और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान को बढ़ावा देने का निर्देश देता है।

मंच ने अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए युद्ध तत्काल रोकने और विश्व में शांतिपूर्ण सह अस्तित्व सुनिश्चित करने की अपील की है। रमज़ान के पवित्र महीने में जब दुनिया के एक हिस्से में खून-खराबा हो रहा है, तब वाराणसी के लोग सद्भाव और भाईचारे का संदेश देते हुए शांति की प्रार्थना कर रहे है। कार्यक्रम में फादर आनंद, जागृति राही, रामधीरज, रामजन्म, सतीश सिंह, डॉ आनंद प्रकाश तिवारी, रामजी प्रसाद गुप्ता, विशाल तिवारी,राजेन्द्र प्रसाद,सिस्टर फ़्लोरिन, गीता देवी, सिस्टर मैरी, ममता, धन्नजय, महेंद्र राठौर, जितेंद्र यादव, अनिल कुमार, रवि शेखर, एकता सिंह, नीति, अनामिका,मोहम्मद आसिम, प्रेम नट,कृष्णा, दिव्यांश,रुम्मान, सुनीता व सारा आदि शामिल रहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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