जेन जी का विचार युवाओं को बांटने वाला अमेरिकी षड्यंत्र:जेन जी काॅन्क्लेव
वाराणसी,03 नवम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में सिगरा स्थित रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में मंगलवार से आयोजित तीन दिवसीय संस्कृति संसद-2026 के अंतर्गत जेन जी काॅन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस समानांतर कार्यक्रम में युवा वक्ताओं ने कहा कि जेन जी का विचार पूरी तरह से अमेरिकी षड्यंत्र है। उनकी दृष्टि से भारत के युवाओं को समझा नहीं जा सकता। जेन जी के अमेरिकी दृष्टि में जहां युवाओं को कुछ वर्षों की अवधि में बांटकर खंडित दृष्टि से देखता है। जबकि भारतीय दृष्टि में युवा नहीं, केवल एक देश नहीं, बल्कि पूरी दुनिया एक कुटुंब है, जिसको वेदों में हजारों वर्ष पहले वसुधैव कुटुंबकम् कहा गया है। जेन जी काॅन्क्लेव के प्रथम सत्र में जेन जी की छवि और युवाओं की सामाजिक भूमिका पर चर्चा करते हुए डाॅ. दीपक प्रधान ने कहा कि सोशल मीडिया के नाते विश्व के युवाओं के साथ भारतीय युवाओं में भी नवीन व्यवहार आए हैं। सोशल मीडिया के कारण बने नए नेटवर्क से युवा पेपर लीक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े आंदोलनों में जेन जी अथवा भारत का युवा शामिल हुआ लेकिन वह यूरोपीय देशों जैसे फ्रांस, इटली, जर्मनी की तरह हिंसक नहीं हुआ। वरन् अहिंसक रुप से अपने विरोध को प्रस्तुत किया। बनारस घराने के कथक नृत्यकार विशाल कृष्ण ने कहा कि भारत की गुरु-शिष्य परंपरा के कारण कलाएं जीवित हैं तथा जेन जी कलाकर अनुशासन में रहकर अपने भावों को व्यक्त करता है। वह उग्र और हिंसक नहीं होता, इसके पीछे भारतीय संस्कृति मुख्य कारण है। दिल्ली सेंट्रल यूनिवर्सिटी की इशू मौर्य ने कहा कि भारत का जेन जी वर्तमान में आंदोलित दिखाई पड़ता है लेकिन वह हिंसक नहीं है। सोशल मीडिया के इस दौर में जेन जी (युवाओं) को सावधानी की आवश्यकता है, जिसके लिए यह आवश्यक है कि हर घटना पर अपने विचार न दें, बल्कि विश्वसनीय सूचनाओं पर ही प्रतिक्रिया दें और अमल करें।
वक्ता भागेश ने कहा कि युवाओं में असीमित क्षमता है। वे उसका उपयोग सामाजिक निर्माण एवं राष्ट्र की उन्नति में लगाएं। छोटी-छोटी समस्याओं पर आंदोलित होकर अपनी ऊर्जा को समाप्त न करें। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष किसलय तिवारी ने कहा कि भारत का युवा पश्चिम से भिन्न हैं। हमारे यहां आदर्श युवाओं के उदाहरण बालक कृष्ण, लव-कुश और नचिकेता हैं। बालक कृष्ण ने बाल्यावस्था में ही बकासुर, अघासुर, पूतना, कंस का विनाश, कालिया नाग आदि का मानमर्दन किया। इस समारोह में आर्य महिला इंटर काॅलेज सहित विभिन्न स्कूलों और कोचिंग के छात्रों ने भागीदारी की। कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों का संचालन कौस्तुभ त्रिपाठी, वागेश ओझा ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

