वाराणसी में गंगा महोत्सव 20 से 23 नवंबर तक, 24 नवंबर को मनेगी देव दीपावली
तैयारियों को लेकर मंडलायुक्त ने की समीक्षा बैठक, राजघाट पर गंगा महोत्सव एवं अन्य कार्यक्रम नमो घाट पर
वाराणसी,18 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा महोत्सव व देव दीपावली की प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई है। मंगलवार अपरान्ह मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में गंगा महोत्सव एवं देव दीपावली के आयोजन को लेकर बैठक हुई। बैठक में मंडलायुक्त ने बताया कि गंगा महोत्सव आगामी 20 से 23 नवम्बर और देव दीपावली 24 नवंबर को आयोजित होगा।
गंगा महोत्सव एवं देव दीपावली वाराणसी की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण आयोजन हैं। इन अवसरों पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक वाराणसी पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
मंडलायुक्त ने कहा कि कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों एवं सांस्कृतिक प्रतिभाओं को भी उचित अवसर प्रदान किया जाए। जनप्रतिनिधियों से वार्ता करने स्थानीय कलाकारों की जानकारी करने, स्थानीय कलाकारों के साथ काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव के विजयी प्रतिभागियों व राजघाट के पास संचालित गुरुकुल के छात्रों को प्रमुखता देने को कहा गया। ओडीओपी उत्पादों समेत स्थानीय आयोजन को बढ़ावा देने हेतु प्रमुख घाटों तथा होटल्स पर स्टाल लगाने के लिए निर्देशित किया गया।
बैठक में गंगाघाटों की साफ-सफाई, प्रकाश एवं सजावट, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात एवं पार्किंग, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं, अग्निशमन व्यवस्था तथा पर्यटकों की सुविधा से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की गई।
मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आयोजन की कार्ययोजना तैयार करें तथा निर्धारित समयसीमा में तैयारियां पूरी करें।
घाटों एवं प्रमुख स्थलों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा एवं पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार, डीसीपी ट्रैफिक अनिल कुमार यादव, सचिव विकास प्राधिकरण वेद प्रकाश, एडीएम सिटी राजेश कुमार, एडीएम प्रोटोकाल विनय सिंह आदि अफसर भी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

