पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी ने संयुक्त रूप से गंगा एवं वरुणा नदी के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
—केशव घाट से आगे सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया, सराय मोहना में जल मार्ग से लिया जायजा
वाराणसी, 20 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में संभावित बाढ़ के मद्देनजर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गुरुवार को गंगा एवं वरुणा नदी के तटवर्ती तथा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय और जलमार्गीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नदी के जलस्तर, जलप्रवाह, तटवर्ती इलाकों की स्थिति और प्रशासन-पुलिस की तैयारियों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत नमो घाट से हुई। इसके बाद अधिकारियों ने जल पुलिस और एनडीआरएफ की नावों से गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों तथा गंगा-वरुणा संगम स्थल से आगे केशव घाट, सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया और सराय मोहना समेत विभिन्न इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान निचले और आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव की संभावनाओं तथा संवेदनशील स्थलों की स्थिति का विशेष रूप से आकलन किया गया।
—जलस्तर की लगातार निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गंगा और वरुणा के जलस्तर एवं प्रवाह की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव की नियमित समीक्षा की जाए और इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों तथा नियंत्रण कक्ष को तत्काल दी जाए।
उन्होंने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व से चिन्हित राहत शिविरों, पहुंच मार्गों, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता तथा राहत-बचाव से जुड़े सभी संसाधनों को सक्रिय स्थिति में रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को बिना विलंब सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूरी तैयारी रहे।
—जल पुलिस और एनडीआरएफ को अलर्ट रहने के निर्देश
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने पुलिस एवं जल पुलिस के अधिकारियों को नदी और तटवर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस एवं जल पुलिस की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित करने के साथ ही आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू और सुरक्षित निकासी की कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया। उन्होंने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक करने तथा प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एनडीआरएफ और जल पुलिस की नावें मौके पर तैनात रहीं, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। अधिकारियों ने पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। सभी आवश्यक संसाधनों और मानवबल को पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रतिक्रिया समय न्यूनतम रखा जा सके।
पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी ने गंगा एवं वरुणा के तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों से अपील की कि वे जलस्तर में होने वाले बदलावों के प्रति सतर्क रहें और प्रशासन तथा पुलिस की ओर से जारी अधिकृत सूचनाओं एवं चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. सदानन्द गुप्ता, तहसीलदार सदर, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट, जल पुलिस के अधिकारी तथा पुलिस-प्रशासन के अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

