वाराणसी: गंगा की लहरों ने धरा रौद्र रूप, तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंचा बाढ़ का पानी
- ढाब क्षेत्र के लोगों की बढ़ी मुश्किलें, करीब छह सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर
- पलट प्रवाह से वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों में स्थिति गंभीर
वाराणसी,30 अगस्त(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी और आसपास के जनपदों में जीवनदायिनी गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर के करीब पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग के राजघाट गेज साइट के अनुसार, रविवार सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 69.06 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में करीब छह सेंटीमीटर प्रतिघंटे की गति से बढ़ोतरी हो रही थी। सुबह आठ बजे जलस्तर 68.94 मीटर था। इससे पहले जलस्तर बढ़ने की गति चार सेंटीमीटर प्रतिघंटे दर्ज की गई थी। इस दौरान 14.4 मिलीमीटर वर्षा भी दर्ज हुई।
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से वाराणसी के शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण अंचलों के तटवर्ती इलाकों में भी हड़कंप की स्थिति है। वाराणसी में गंगा का खतरे का निशान 71.26 मीटर है। दशाश्वमेध और अस्सी घाट के बीच संपर्क मार्ग पर पानी पहुंचने लगा है और गंगा की लहरें ऊपरी सीढ़ियों को भी अपने आगोश में लेने लगी हैं। घाटों पर बाढ़ का पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई है। घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आने से कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। वहीं, नौका संचालन बंद होने से नाविकों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ा है। दशाश्वमेध जल पुलिस चौकी के आसपास भी पानी भरने लगा है।
गंगा में तेज बहाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाते हुए आवागमन के साथ नाव और स्टीमर के संचालन पर रोक लगा दी है। घाटों और गलियों का संपर्क टूटने के कारण दशाश्वमेध घाट की विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती अब छत पर कराई जा रही है। मोक्षतीर्थ मणिकर्णिका घाट पर भी अंतिम संस्कार और शवदाह ऊंचे प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है। शवदाह के लिए गलियों से होकर पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
उधर, वरुणा नदी में गंगा के पलट प्रवाह के कारण कोनिया, शैलपुत्री, सरैया, अलईपुर, नक्खीघाट, ढेलवरिया, चौकाघाट और हुकुलगंज समेत तटवर्ती क्षेत्रों की बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। दर्जनों मकान इसकी चपेट में आ गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार जलस्तर में वृद्धि पिछले वर्षों की तुलना में अधिक तेज है।
गंगा के अपस्ट्रीम में प्रयागराज और मीरजापुर जनपदों में शनिवार रात आठ बजे तक जलस्तर क्रमश: तीन और 2.5 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की गति से बढ़ रहा था। इसके आधार पर केंद्रीय जल आयोग ने अगले 24 घंटे तक वाराणसी में भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का अनुमान जताया है।
ढाब क्षेत्र बना टापू, पशुपालकों के सामने चारे का संकट
गंगा में लगातार बढ़ाव के कारण ढाब क्षेत्र का सोता फिर भर गया है। पानी से घिरने के कारण यह इलाका टापू जैसा नजर आने लगा है। इससे पशुपालकों के सामने मवेशियों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ, जल पुलिस और पीएसी के जवानों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

