वाराणसी : गंगा की लहरों के आगोश में घाटों के संपर्क मार्ग, जलस्तर स्थिर
—पूर्वांचल में नदियां उफान पर, कई जिलों में बढ़ा गंगा का जलस्तर; नावों के संचालन पर रोक
वाराणसी, 10 अगस्त (हि.स.)। पहाड़ी क्षेत्रों के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर अब पूर्वांचल की नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है। वाराणसी समेत गाजीपुर, बलिया, मीरजापुर, प्रयागराज, जौनपुर और आजमगढ़ में गंगा तथा उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच कई स्थानों पर पानी बढ़ रहा है। वाराणसी में सोमवार को गंगा का जलस्तर स्थिर रहा, हालांकि घाटों पर पानी लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार सुबह आठ बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 63.76 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर फिलहाल चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरे के निशान 71.262 मीटर से काफी नीचे है। इसके बावजूद गंगा के बढ़ते प्रवाह का असर घाटों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। गंगाघाटों के बीच संपर्क मार्ग कई स्थानों पर पानी में डूब गए हैं। शिवाला समेत कई घाटों के संपर्क मार्गों पर गंगा का पानी पहुंच गया है।
अहिल्याबाई, शीतला, दशाश्वमेध और त्रिपुरा भैरवी घाट की निचली सीढ़ियां पानी में समा गई हैं और लहरें अब ऊपरी सीढ़ियों की ओर बढ़ रही हैं। मोक्षतीर्थ मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट स्थित शवदाह प्लेटफॉर्म तक भी गंगा की लहरें पहुंच गई हैं। दोनों घाटों पर बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विशेष निगरानी की जा रही है। कई घाटों की चौकियां और किनारे स्थित छोटे मंदिर भी जलमग्न हो चुके हैं।
-पूर्वांचल की नदियों में भी बढ़ा पानी
पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में बदलाव दर्ज किया गया है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सोमवार सुबह आठ बजे गाजीपुर में गंगा का जलस्तर 57.03 मीटर और बलिया में 54.52 मीटर दर्ज किया गया। मीरजापुर में जलस्तर 68.64 मीटर और प्रयागराज में 75.06 मीटर रहा। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 78.53 मीटर दर्ज किया गया, जहां पानी घटने की प्रवृत्ति बनी हुई है।
गंगा की सहायक नदियों में भी जलस्तर में बदलाव जारी है। आजमगढ़ में छोटी सरयू का जलस्तर 67.10 मीटर दर्ज किया गया और यहां पानी घटने की ओर है। वहीं, जौनपुर में गोमती नदी का जलस्तर बढ़कर 68.81 मीटर पहुंच गया है और फिलहाल स्थिर है।
सोनभद्र के रिहंद डैम का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। सोमवार सुबह आठ बजे डैम का जलस्तर 258.81 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रिहंद डैम का अधिकतम जलस्तर 271.27 मीटर है।
-नावों के संचालन पर रोक
गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर गंगा में छोटी-बड़ी सभी नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। हालांकि, फिलहाल क्रूज के संचालन पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
जल पुलिस प्रभारी निरीक्षक सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि गंगा के तेज बहाव में नावों का संचालन जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नावों के संचालन पर रोक लगाई गई है। उन्होंने बताया कि क्रूज का संचालन फिलहाल जारी रहेगा, लेकिन जलस्तर में आगे बढ़ोतरी होने पर इसके संचालन को लेकर भी निर्णय लिया जाएगा।
-गंगा द्वार मार्ग बंद
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गंगा द्वार के समीप स्थित मार्ग को भी सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है। लहरों के लगातार ऊपर आने के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई है।
राजघाट से अस्सी घाट तक स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। घाटों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने के साथ जल पुलिस, एनडीआरएफ, पीएसी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

